Bhagalpur में प्रदेश का सबसे महंगा टमाटर, पटना से दोगुनी है कीमत
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। यहां के लोग पूरे प्रदेश में सबसे महंगा टमाटर खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत राजधानी पटना के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई है। आम आदमी की रसोई का बजट इस महंगाई
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। यहां के लोग पूरे प्रदेश में सबसे महंगा टमाटर खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत राजधानी पटना के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई है। आम आदमी की रसोई का बजट इस महंगाई की वजह से पूरी तरह बिगड़ गया है।
बिहार सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग) ने 25 जून 2026 को एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर में टमाटर थोक बाजार में 4,500 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा बाजार में 55 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। वहीं, पटना में थोक भाव 2,000 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा भाव 30 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। 27 जून को जारी ताजा आंकड़ों में भागलपुर में खुदरा कीमत बढ़कर 57 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
पड़ोसी जिलों की तुलना करें तो वहां भाव काफी कम हैं। बांका में थोक भाव 1,800 रुपये और मुंगेर में 2,000 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मुंगेर में खुदरा भाव सिर्फ 23 रुपये प्रति किलोग्राम है। खगड़िया में 4,000 रुपये और कटिहार में 2,500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव रहा। पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में खुदरा भाव 39 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
कीमतें बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं। मंडी विक्रेता मो. शौकत और थोक विक्रेता फहीम अली ने बताया कि भागलपुर और आसपास के इलाकों में टमाटर का व्यावसायिक उत्पादन नहीं होता है। स्थानीय टमाटर खत्म होने के बाद बेंगलुरु, नासिक और हिमाचल प्रदेश से माल मंगाया जाता है। लंबी दूरी की वजह से डीजल और मालभाड़ा बढ़ जाता है, जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं। साथ ही, रास्ते में टमाटर खराब होने की वजह से व्यापारी बचे हुए माल के दाम बढ़ा देते हैं।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य अभिषेक कुमार जैन के अनुसार, सिल्क सिटी क्षेत्र में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और संगठित वैल्यू चेन की कमी है, जिससे स्थानीय टमाटरों को स्टोर नहीं किया जा पाता। दूसरी ओर, भागलपुर के डीएसओ सुधीर कुमार ने कहा कि बाजार भाव की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाती है और कच्चे माल की कीमत स्थिति के हिसाब से बदलती रहती है।
राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार टमाटर की बढ़ती कीमतों पर नजर रख रही है। खबर है कि उपभोक्ताओं को बचाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) के जरिए 35-45 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर टमाटर बेचने की योजना है, जिसकी शुरुआत दिल्ली-एनसीआर और मुंबई से हो सकती है।