Bhagalpur को मिलेंगे 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट और एक NDPS कोर्ट, सालों पुराने लंबित मामलों का होगा निपटारा

Bhagalpur: भागलपुर के लोगों के लिए बड़ी खबर है। जिला अदालत में सालों से अटके मामलों को जल्द सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने यहाँ 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) और एक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) कोर्ट खोलने

Bhagalpur: भागलपुर के लोगों के लिए बड़ी खबर है। जिला अदालत में सालों से अटके मामलों को जल्द सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने यहाँ 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) और एक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) कोर्ट खोलने का फैसला किया है। लगभग 15 साल के लंबे इंतजार के बाद शहर को ये नई अदालतें मिलने जा रही हैं, जिससे कानूनी प्रक्रिया में तेजी आएगी।

बिहार सरकार ने राज्य भर में कुल 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की योजना बनाई है। इसमें सबसे ज्यादा 6 कोर्ट पटना में होंगे, जबकि भागलपुर के साथ-साथ गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और नालंदा जैसे जिलों में 4-4 कोर्ट खोले जाएंगे। ये अदालतें मुख्य रूप से हत्या, गंभीर मारपीट और 5 साल से ज्यादा पुराने दीवानी या संपत्ति के विवादों की सुनवाई करेंगी।

नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए भागलपुर में एक अलग NDPS कोर्ट भी बनेगा। कैबिनेट ने भागलपुर, गया और पूर्णिया में इन विशेष कोर्ट के गठन को मंजूरी दी है। फिलहाल भागलपुर में करीब 500 NDPS मामले लंबित हैं, जिनके निपटारे में अब तेजी आएगी।

बता दें कि भागलपुर में पहले 5 फास्ट ट्रैक कोर्ट थे, लेकिन 2011 के बाद पैसों की कमी और जजों की सेवानिवृत्ति के कारण ये बंद हो गए थे। अभी कई कोर्ट प्रभार में चल रहे हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी रहती है। डीबीए भागलपुर के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी और पीपी सत्यनारायण प्रसाद ने इस फैसले का स्वागत किया है।

वहीं, हाल के दिनों में भागलपुर व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं रही हैं। जनवरी और फरवरी 2026 में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले थे, जिसके बाद जिला प्रशासन और एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है ताकि न्यायिक कार्य बिना किसी बाधा के चल सकें।