Bhagalpur: TMBU में 70 अतिथि शिक्षकों का आंदोलन जारी, बकाया मानदेय और बहाली की मांग

Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में सेवा से हटाए गए 70 अतिथि शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। ये शिक्षक अपनी सेवा बहाली और पिछले 11 महीनों के बकाया मानदेय के लिए लड़ रहे हैं। इस मामले में नग

Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में सेवा से हटाए गए 70 अतिथि शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। ये शिक्षक अपनी सेवा बहाली और पिछले 11 महीनों के बकाया मानदेय के लिए लड़ रहे हैं। इस मामले में नगर विधायक रोहित पांडेय ने हस्तक्षेप किया और शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात सही मंच तक पहुंचाई जाएगी।

पूरा मामला अप्रैल 2025 में हुई नियुक्तियों से जुड़ा है। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने 13 जून 2026 को इन नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। राजभवन का कहना था कि इन नियुक्तियों में भारी अनियमितताएं हुई थीं और वैधानिक नियमों का पालन नहीं किया गया था। इसी आदेश के बाद रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने सेवा समाप्ति की अधिसूचना जारी की थी।

शिक्षकों का आरोप है कि कार्यकारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा बदले की भावना से काम कर रहे हैं और दोहरी नीति अपना रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच समिति की रिपोर्ट दबाव में तैयार की गई और वह मनगढ़ंत थी। वहीं, प्रशासन की ओर से 19 जून 2026 को एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी, जिसे एक हफ्ते में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन 3 जुलाई 2026 तक भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। इस समिति में प्रो. सच्चिदानंद पांडेय, प्रो. कमल प्रसाद और प्रो. एच.के. चौरसिया शामिल हैं।

आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU), मधेपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन वहां अलग फैसला लिया गया। फिलहाल शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।