Bhagalpur: TMBU में अतिथि शिक्षकों का हंगामा, 70 की नौकरी रद्द होने पर थाली पीटकर जताया विरोध

Bhagalpur: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा अब सातवें दिन भी जारी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और राजभवन के फैसले के खिलाफ शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार, 25 जून 2026 को प्रदर्श

Bhagalpur: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा अब सातवें दिन भी जारी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और राजभवन के फैसले के खिलाफ शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार, 25 जून 2026 को प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि शिक्षकों ने थाली पीटकर अपना विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट बंद करना पड़ा।

यह पूरा विवाद 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति रद्द होने से शुरू हुआ है। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 13 जून 2026 को आदेश जारी कर इन नियुक्तियों को तुरंत खत्म करने को कहा था। राजभवन के मुताबिक, अप्रैल 2025 में हुई इन नियुक्तियों में नियमों की भारी अनदेखी और गड़बड़ी पाई गई थी। यूनिवर्सिटी की एक कमेटी ने 4 मई 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। डॉ. योगेंद्र और डॉ. आनंद आजाद जैसे शिक्षकों का आरोप है कि प्रभारी कुलपति डॉ. बी.एस. झा द्वारा गठित कमेटी ने दबाव में आकर गलत रिपोर्ट तैयार की। शिक्षकों का दावा है कि उन्हें पिछले 11 महीनों से वेतन नहीं मिला है और अब उनकी नौकरी छीन ली गई है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है।

शिक्षकों की मांग है कि अगर नियुक्ति में कोई गड़बड़ी थी, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे सार्वजनिक करे और असली दोषियों पर कार्रवाई करे। उन्होंने मांग की है कि बाहरी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों को शामिल कर एक निष्पक्ष हाई-लेवल कमेटी से दोबारा जांच कराई जाए। फिलहाल, पीड़ित शिक्षक इस मामले को पटना High Court में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। रजिस्ट्रार प्रोफेसर रामाशीष पुरवे ने राजभवन के निर्देश का हवाला देते हुए सेवा समाप्ति का नोटिफिकेशन जारी किया था।