Bhagalpur में टीबी जांच बढ़ाने के निर्देश, दिल्ली की टीम ने JLNMC Hospital और सदर अस्पताल का लिया जायजा
Bhagalpur: शहर में टीबी के मरीजों की पहचान और उनके इलाज को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम आई थी। नेशनल रेफेरेंस टीबी लैबोरेटरी की तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JLNMC H) औ
Bhagalpur: शहर में टीबी के मरीजों की पहचान और उनके इलाज को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम आई थी। नेशनल रेफेरेंस टीबी लैबोरेटरी की तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JLNMC H) और सदर अस्पताल स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र का निरीक्षण किया। इस टीम का मुख्य मकसद यह देखना था कि टीबी की जांच और इलाज की व्यवस्थाएं सही तरीके से काम कर रही हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान टीम में डॉ. अजय वर्मा, डॉ. प्रशांत गोस्वामी और मुकेश कुमार शामिल थे। उन्होंने टीबी मरीजों के सैंपल लेने के तरीके, जांच की प्रक्रिया और लैब के कामकाज की बारीकी से समीक्षा की। केंद्रीय टीम ने साफ तौर पर कहा कि टीबी मरीजों की जांच की संख्या को और बढ़ाने की जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का समय पर इलाज शुरू हो सके।
जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे ने बताया कि टीम ने अस्पताल की कल्चर एंड डीएसटी लैब और ओपीडी में चल रही जांच व्यवस्था को संतोषजनक पाया। हालांकि, जांच के काम को और ज्यादा असरदार बनाने के लिए टीम ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया है। अस्पताल प्रशासन ने टीम को जानकारी दी कि यहाँ की डीएसटी लैब में भागलपुर के साथ-साथ आसपास के नौ जिलों के मरीजों के सैंपल की जांच की जाती है।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि केंद्र और बिहार सरकार टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में समय पर जांच होना सबसे जरूरी कड़ी है। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।