Bhagalpur में स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता परेशान, रिचार्ज के बाद भी बैलेंस दिखा रहा माइनस
Bhagalpur: शहर में स्मार्ट बिजली मीटर लगवाने वाले लोग इन दिनों काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पिछले दो महीनों से उपभोक्ता रिचार्ज करने के बाद भी सही बैलेंस नहीं देख पा रहे हैं, जिससे उनमें काफी गुस्सा है। कई लोगों न
Bhagalpur: शहर में स्मार्ट बिजली मीटर लगवाने वाले लोग इन दिनों काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पिछले दो महीनों से उपभोक्ता रिचार्ज करने के बाद भी सही बैलेंस नहीं देख पा रहे हैं, जिससे उनमें काफी गुस्सा है। कई लोगों ने शिकायत की है कि पैसे काटने के बाद भी उनके मीटर में बैलेंस माइनस में ही दिखा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि रिचार्ज करने के बाद उन्हें कोई मैसेज नहीं आता है और न ही बिजली खर्च का कोई सही हिसाब मिल रहा है। इस परेशानी की वजह से लोग बार-बार बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। हालात यह हैं कि जब लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे, तो बिजली कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें ‘प्रिविलेज कंज्यूमर’ की श्रेणी में डाल दिया ताकि उनके घर की बिजली न कटे।
जानकारी के मुताबिक, यह सारी समस्या सर्वर में खराबी के कारण हो रही है। भागलपुर में स्मार्ट मीटर के रिचार्ज और डेटा कलेक्शन का काम दो एजेंसियां, Genus Power और नई नियुक्त RMS Company संभाल रही हैं। ये दोनों एजेंसियां South Bihar Power Distribution Company Limited (SBPDCL) के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
वहीं, बिहार ऊर्जा स्मार्ट मीटर ऐप को लेकर भी शिकायतें आई हैं। ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं का कहना है कि ऐप में रियल टाइम डेटा नहीं दिखता और कई बार दूसरे ऐप इंस्टॉल करने को कहा जाता है। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि मीटर में दिखने वाले बैलेंस और फाइनल बिल में अंतर इसलिए होता है क्योंकि मीटर सिर्फ प्रीपेड क्रेडिट दिखाता है, जबकि बिल में फिक्स्ड चार्ज और पुराना बकाया भी जुड़ा होता है।
इससे पहले बिहार राज्य विद्युतन holding कंपनी के CMD मनोज कुमार सिंह ने बताया था कि भागलपुर में AI सिस्टम के जरिए बिजली चोरी पकड़ी गई, जिससे करीब 1.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बिल जेनरेट हुआ। प्रशासन ने स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं, हालांकि नाथनगर और चंपा नगर जैसे इलाकों में लोगों ने इसका विरोध भी किया है।