Bhagalpur में सड़क चौड़ीकरण के बीच बिजली के खंभे बने खतरा, हादसे बढ़े

Bhagalpur: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन बिजली के खंभों को न हटाना आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सड़क निर्माण से पहले खंभों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की

Bhagalpur: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन बिजली के खंभों को न हटाना आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सड़क निर्माण से पहले खंभों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जिससे अब नई सड़कों के बीचों-बीच बिजली के पोल खड़े हैं। यह लापरवाही राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है।

शहर के मायागंज, तिलकामांझी, गुदरी चौक, अलीगंज और खजुरपुर जैसे इलाकों में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। नियम के मुताबिक सड़क बनाने से पहले बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को हटाना चाहिए, लेकिन विभागों के बीच तालमेल की कमी की वजह से ऐसा नहीं हुआ। इसका नतीजा यह है कि कई जगहों पर खंभे सड़क के बीच में आ गए हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

हाल ही में खजुरपुर में सड़क के बीच स्थित खंभे से टकराकर एक बाइक सवार हादसे का शिकार हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने दो साल हो गए, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक खंभा नहीं हटाया है। इससे पहले अस्पताल के पास एक खंभा मरीज की गाड़ी पर गिरने से बाल-बाल बचा था। तिलकामांझी में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा, गोराडीह थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में तूफान के दौरान एक खंभा झोपड़ी पर गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

बिजली बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए 2 करोड़ रुपये और ट्रांसफार्मर व खंभों को शिफ्ट करने के लिए 9 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। शहर में बिजली आपूर्ति के लिए 11 सब-स्टेशन काम कर रहे हैं। इसके बावजूद, बिजली कंपनियां सड़क निर्माण अधिकारियों से बिना तालमेल के नए पोल लगा रही हैं।

यह समस्या दुर्गा पूजा, काली पूजा और सरस्वती पूजा जैसे त्योहारों के दौरान और बढ़ जाती है। जब सड़कों पर भीड़ और जुलूस निकलते हैं, तो बीच सड़क पर खड़े खंभे बाधा बनते हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, SDO को ऐसे खतरनाक खंभों की पहचान कर 45 दिनों के भीतर उन्हें हटाना होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी अनदेखी दिख रही है।