Bihar: भागलपुर की खास तसर सिल्क साड़ियाँ इन दिनों महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं। गर्मी के मौसम में इन्हें ‘चलता-फिरता एसी’ कहा जा रहा है क्योंकि ये पहनने में बहुत हल्की और आरामदायक होती हैं। इन साड़
Bihar: भागलपुर की खास तसर सिल्क साड़ियाँ इन दिनों महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं। गर्मी के मौसम में इन्हें ‘चलता-फिरता एसी’ कहा जा रहा है क्योंकि ये पहनने में बहुत हल्की और आरामदायक होती हैं। इन साड़ियों की शुरुआती कीमत ₹400 है, जो इन्हें आम बजट में भी उपलब्ध कराती हैं।
भागलपुरी साड़ियों को ‘चलता-फिरता एसी’ क्यों कहते हैं?
भागलपुर को ‘सिल्क सिटी’ कहा जाता है और यहाँ की तसर सिल्क साड़ियाँ अपने हल्केपन और हवादार बनावट के लिए जानी जाती हैं। इनका कपड़ा थोड़ा खुरदुरा होता है लेकिन शरीर पर भारी नहीं लगता, जिससे हवा आसानी से आर-पार जा सकती है। यही कारण है कि भीषण गर्मी में भी इन्हें पहनना आसान होता है और महिलाएं इसे प्राथमिकता देती हैं।
कीमत और सरकारी मान्यता की जानकारी
इन साड़ियों की कीमत कपड़े और डिजाइन के हिसाब से अलग-अलग होती है। कुछ साड़ियाँ ₹230 से शुरू होकर ₹25,000 तक जाती हैं, जबकि मधुबनी तसर सिल्क की कीमत ₹8,500 तक हो सकती है। भारत सरकार ने साल 2013 में भागलपुरी सिल्क को GI टैग दिया था, जो इसकी शुद्धता और खास पहचान को पक्का करता है।
बुनकरों की स्थिति और नए डिजाइन
आजकल युवा उद्यमी इन साड़ियों में आधुनिक बदलाव ला रहे हैं और इन्हें स्थानीय मंजूषा कला के साथ जोड़ रहे हैं। हालांकि, धागों के दाम बढ़ने से कारोबार पर असर पड़ा है। भागलपुर क्षेत्रीय हथकरघा बुनकर सहकारी संघ के अध्यक्ष जावेद सालेह अंसारी के मुताबिक, साल 2015 में जो कारोबार ₹600 करोड़ था, वह अब घटकर ₹150 करोड़ रह गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुरी सिल्क साड़ी की शुरुआती कीमत क्या है?
भागलपुरी सिल्क साड़ियों की शुरुआती कीमत ₹230 से ₹400 के बीच है, जबकि प्रीमियम और कढ़ाई वाली साड़ियाँ ₹25,000 तक जाती हैं।
भागलपुरी सिल्क को GI टैग कब मिला?
भारत सरकार ने भागलपुरी सिल्क की प्रामाणिकता और विशिष्टता को देखते हुए साल 2013 में इसे भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया था।