Bhagalpur में श्रावणी मेला 30 जुलाई से, कांवरिया पथ पर तैनात होंगे ‘मेला मित्र’ और चलेगी ‘दीदी की रसोई’
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में आगामी 30 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार कांवरिया पथ पर कई नए इंतजाम किए गए हैं ताकि शिवभक्तों
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में आगामी 30 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार कांवरिया पथ पर कई नए इंतजाम किए गए हैं ताकि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इस साल कांवरिया पथ पर ‘मेला मित्र’ तैनात किए जाएंगे। ये मेला मित्र पहचान पत्र के साथ रहेंगे और श्रद्धालुओं को रास्ता बताने, स्वास्थ्य सहायता देने और भीड़ नियंत्रण में मदद करेंगे। ये बिल्कुल आपदा मित्रों की तरह काम करेंगे, जिससे कांवरियों को काफी राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं के खान-पान और आराम के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। सुल्तानगंज कांवरिया पथ पर ‘दीदी की रसोई’ चलेगी, जहां शुद्ध और सात्विक भोजन मिलेगा। साथ ही भागलपुर, बांका और मुंगेर में 2650 बेड वाली टेंट सिटी बनाई जाएगी और भागलपुर में स्विस कॉटेज की सुविधा होगी।
प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दुकानें केवल बाईं ओर लगाने का नियम बनाया है, ताकि दाहिना हिस्सा चलने के लिए खाली रहे। कच्ची सड़क पर 15 फीट चौड़ी और तीन इंच मोटी बालू की परत बिछाई जाएगी। बारिश में बालू बहने पर इसे दोबारा डाला जाएगा।
| सुविधा/नियम | विवरण |
|---|---|
| मेला की अवधि | 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 |
| सुरक्षा तकनीक | ड्रोन शो, लेजर शो और 47 अस्थाई पुलिस चौकियां |
| स्वास्थ्य सेवा | हर 2-3 किमी पर स्वास्थ्य शिविर और बोट एम्बुलेंस |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | अजगैबीनाथ धाम में वाटर स्क्रीन और म्यूजिकल फाउंटेन |
| स्वच्छता | दुकानों में डस्टबिन अनिवार्य, हर 3 घंटे में कचरा उठाव |
| रोशनी | बांका-मुंगेर क्षेत्र में सौर ऊर्जा की व्यवस्था |
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे क्षेत्र में ड्रोन और लेजर शो का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इन तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। इस पूरे आयोजन में गृह, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यटन समेत कुल 14 विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। शांति बनाए रखने के लिए जिला और थाना स्तर पर शांति समितियों का गठन भी किया जाएगा, जिसमें युवाओं को भी शामिल किया जाएगा।