Bhagalpur में श्रावणी मेले की तैयारी तेज, 30 जुलाई से शुरू होगा मेला, कांवड़ियों के लिए बिछाई जाएगी बालू
Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। यह मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पांड
Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। यह मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने उच्च-स्तरीय बैठक की है। प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है।
नई जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने पदभार संभालते ही इस मेले और कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बताया है। उन्होंने विक्रमशिला पुल पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुधारने और आम लोगों की सुविधाओं पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस मेले की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा और पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर एक कांवड़िया की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाए।
कांवड़ियों के लिए सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम से बिहार सीमा दुम्मा तक के रास्ते को ‘शिवमय’ बनाया जाएगा। यहां भव्य प्रवेश द्वार और आकर्षक लाइटें लगाई जाएंगी और शिव मंत्रों की ध्वनि सुनाई देगी। श्रद्धालुओं के पैरों की सुविधा के लिए रास्ते पर महीन बालू बिछाई जाएगी और बारिश में बहने पर इसे दोबारा बिछाया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दुकानें केवल एक तरफ लगेंगी ताकि चलने का रास्ता खाली रहे।
सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
| सुविधा/व्यवस्था | विवरण |
|---|---|
| सुरक्षा | लेजर, ड्रोन शो और 47 अस्थायी पुलिस चौकियां |
| आवास | भागलपुर, बांका और मुंगेर में 2650 बिस्तरों वाली टेंट सिटी |
| भोजन | टेंट सिटी में ‘दीदी की रसोई’ द्वारा सात्विक भोजन |
| तकनीक | श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए श्रावणी मेला ऐप |
| स्वास्थ्य | मेडिकल कैंप और गंगा में नाव एम्बुलेंस की व्यवस्था |
| सहायता | कांवड़ियों की मदद के लिए ‘मेला मित्र’ की तैनाती |
प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए जिला और थाना स्तर पर शांति समितियों का गठन किया है, जिसमें बुजुर्गों के साथ युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। नमामि गंगे घाट और धांधी बेलारी में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसके लिए 15 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। हालांकि, सुल्तानगंज के सीढ़ी घाट पर गाद जमा होना और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की कमी जैसी कुछ चुनौतियां हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।