Bhagalpur में श्रावणी मेला 2026 की तैयारी तेज, DM ने कहा- एंबुलेंस रहेंगी रेडी मोड में और अस्पताल अलर्ट
Bhagalpur: भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि कांवरियों को पवित्र स्नान और जल
Bhagalpur: भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि कांवरियों को पवित्र स्नान और जल collection के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी Alankrita Pandey ने साफ किया है कि मेले के दौरान सभी एंबुलेंस ‘रेडी मोड’ में रहेंगी और ब्लॉक अस्पतालों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा जाएगा। ये स्वास्थ्य सुविधाएं 24 घंटे चालू रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। डीएम ने चेतावनी दी है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल ही में डिविजनल कमिश्नर Prem Singh Meena, IG Vivek Kumar, DM Alankrita Pandey और SSP Pramod Kumar Yadav ने गंगा घाट, नमामि गंगे घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण किया। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के रास्तों से सभी अतिक्रमण हटाए जाएं और सड़कों के गड्ढों को तुरंत ठीक किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भागलपुर क्षेत्र में 13 हाई-टेक हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहाँ 53 स्पेशलिस्ट डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी करेंगे। इसके अलावा भागलपुर और अजगैबीनाथ धाम रेलवे स्टेशनों पर भी 24 घंटे मेडिकल सर्विस उपलब्ध रहेगी।
सुरक्षा के लिहाज से 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। सादे कपड़ों में पुलिस की टीमें और बाइक पेट्रोलिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने मेले से पहले ही छापेमारी कर 153 लीटर विदेशी शराब जब्त की है और एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
सुविधाओं की बात करें तो सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ की लागत से बना 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज लगभग तैयार है। नमामि गंगे और सीधी घाट पर श्रद्धालुओं के सामान रखने के लिए 200 लॉकर बनाए गए हैं। साफ-सफाई के लिए 1,200 कर्मचारी तैनात किए गए हैं और सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए ‘दीदी की रसोई’ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।