Bhagalpur में सावन मेले की तैयारी तेज, मंदिरों और घाटों पर भीड़ रोकने के लिए DM ने बनाया प्लान

Bhagalpur: शहर में आगामी सावन मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएम Alankrita Pandey और एसएसपी Pramod Kumar Yadav ने खुद मैदान में उतरकर गंगा किनारे के घाटों और प्रमुख मंदिरों का निरीक्षण किया है। प्रश

Bhagalpur: शहर में आगामी सावन मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीएम Alankrita Pandey और एसएसपी Pramod Kumar Yadav ने खुद मैदान में उतरकर गंगा किनारे के घाटों और प्रमुख मंदिरों का निरीक्षण किया है। प्रशासन का मुख्य मकसद यह है कि 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और भीड़ के कारण कोई हादसा न हो।

डीएम ने साफ तौर पर कहा है कि सावन के दौरान मंदिरों और घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करना सबसे जरूरी है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने। इसके लिए अजगैवननाथ मंदिर के गर्भगृह में ‘अर्घ्य सिस्टम’ लागू किया जाएगा। इस सिस्टम के तहत शिवलिंग के चारों ओर 4.5 फीट ऊंचा स्टील का बैरिकेड लगाया जाएगा। भक्त अर्घ्य के जरिए जल चढ़ाएंगे और एक तय रास्ते से बाहर निकलेंगे। हालांकि, मंदिर के पुजारियों और कमेटी ने इस फैसले पर चिंता जताई है क्योंकि उन्हें लगता है कि शिवलिंग को सीधे स्पर्श न कर पाने से चढ़ावे में कमी आ सकती है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई जरूरी निर्देश दिए हैं। नगर निगम घाटों पर बैरिकेडिंग, लाइटिंग, चेंजिंग रूम और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था कर रहा है। वहीं, सीओ (CO) गोताखोरों और नाव पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे। एसएसपी ने निर्देश दिया है कि सभी मंदिरों में महिला और पुरुष पुलिस बल तैनात रहेगा और भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए पार्किंग का अलग प्लान बनाया जाएगा।

ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मुख्य रास्तों पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। रविवार और अन्य भीड़ वाले दिनों में मजिस्ट्रेट और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। 5 जुलाई को डीएम और एसएसपी ने एसएम कॉलेज घाट, बरारी पुल घाट, बियाडा, बाबूपुर घाट, Budhanath मंदिर, Bhootnath मंदिर और Manokamnanath मंदिर का दौरा कर अतिक्रमण हटाने और यातायात सुधारने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, डीएम ने इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध पर कटाव रोकने के काम का भी जायजा लिया। काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने 15 जुलाई तक इसे पूरा करने की डेडलाइन दी है ताकि बाढ़ या कटाव का खतरा न रहे।