Bhagalpur में सावन की शुरुआत के साथ बढ़ी हरी चूड़ियों की मांग, बाजारों में उमड़ी महिलाओं की भीड़

Bhagalpur: सावन के महीने की शुरुआत होते ही भागलपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। श्रद्धा और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में पहनी जाने वाली हरी चूड़ियों की मांग में भारी उछाल आया है। गुरुवार सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों

Bhagalpur: सावन के महीने की शुरुआत होते ही भागलपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। श्रद्धा और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में पहनी जाने वाली हरी चूड़ियों की मांग में भारी उछाल आया है। गुरुवार सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, जहां वे अपनी पसंद की चूड़ियां खरीदने पहुंच रही हैं।

शहर के Station Chowk, Khalifabag और Tilka Manjhi जैसे इलाकों में स्थित कॉस्मेटिक दुकानों पर काफी भीड़ है। यहां शादीशुदा महिलाओं के साथ-साथ कुंवारी लड़कियां भी बड़ी संख्या में हरी चूड़ियां खरीद रही हैं। बाजार में कांच, लाख और डिजाइनर चूड़ियों के नए कलेक्शन आए हुए हैं, जिससे बाजार की चमक और बढ़ गई है। मान्यता है कि सावन में हरी चूड़ियां पहनना भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करता है। शादीशुदा महिलाएं इसे पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए पहनती हैं, जबकि कुंवारी लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए इसे पहनती हैं।

चुनहारी टोला के चूड़ी विक्रेता संजीव कुमार ने बताया कि सावन शुरू होने से पहले ही हरी चूड़ियों की बिक्री बढ़ गई थी। वहीं दही टोला लेन के विक्रेता रवि मित्तल के अनुसार, जयपुर से आने वाली ‘लेहरिया प्रिंट’ की चूड़ियां ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं। तिलका मांझी की प्रियंका कुमारी और पूजा कुमारी जैसी युवा लड़कियों का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि आस्था और खुशी का प्रतीक है।

बाजार में अलग-अलग तरह की चूड़ियां और उनकी कीमतें इस प्रकार हैं:

चूड़ी का प्रकार कीमत (रुपये में)
कांच की चूड़ियां 100 से 250
जयपुर लेहरिया लाख चूड़ियां 100 से 1000
लाख के कड़े 100 से 500
ब्राइडल सेट 500 से 1000

भागलपुर के अलावा बिहार के अन्य हिस्सों में भी यह ट्रेंड दिख रहा है। सामान्य हरी चूड़ियां 30 रुपये दर्जन से शुरू हैं, जबकि राजस्थानी लाख की चूड़ियां 250 से 500 रुपये तक बिक रही हैं। मुजफ्फरपुर के इस्लामपुर बाजार की ‘लठथी’ यानी लाख की चूड़ियां भी काफी मशहूर हैं, जिन्हें खरीदने के लिए अन्य जिलों और नेपाल से भी लोग आते हैं। वहां वॉटरप्रूफ लाख चूड़ियों की मांग सबसे ज्यादा है।