Bhagalpur के सैंडिस कंपाउंड में मिले करोड़ों साल पुराने पेड़ के जीवाश्म, संग्रहालय भेजे गए
Bhagalpur: भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में एक बहुत बड़ी खोज हुई है। यहाँ से करोड़ों साल पुराने पेड़ के दो जीवाश्म (Tree Fossils) मिले हैं। इस खोज ने भूविज्ञान और इतिहास के जानकारों को हैरान कर दिया है। जिलाधिकारी
Bhagalpur: भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में एक बहुत बड़ी खोज हुई है। यहाँ से करोड़ों साल पुराने पेड़ के दो जीवाश्म (Tree Fossils) मिले हैं। इस खोज ने भूविज्ञान और इतिहास के जानकारों को हैरान कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इन कीमती प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित तरीके से भागलपुर संग्रहालय में रखवा दिया गया है।
इस खोज की शुरुआत तब हुई जब जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन सोमवार सुबह सैंडिस कंपाउंड में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। उन्होंने वहां कुछ पत्थर जैसी आकृतियों को देखा, जिन्हें लोग सालों से आम चट्टान समझ रहे थे। करीब से देखने पर उन्हें शक हुआ कि ये साधारण पत्थर नहीं हैं। जांच के बाद पता चला कि परिसर में ऐसे कई ट्री फॉसिल बिखरे हुए हैं।
पटना यूनिवर्सिटी के भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष और विशेषज्ञ डॉ. अतुल आदित्य पांडेय ने शुरुआती जांच के बाद इन्हें स्पष्ट रूप से ट्री फॉसिल माना है। उनके मुताबिक ये हजारों साल पुराने हो सकते हैं। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने इनके संरक्षण की मंजूरी दे दी है और बिहार के संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है।
इन जीवाश्मों की सही उम्र, प्रजाति और कालखंड का पता लगाने के लिए लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (BSIP) से संपर्क किया गया है। जिला प्रशासन ने संस्थान को औपचारिक पत्र लिखकर वैज्ञानिक परीक्षण का अनुरोध किया है। 7 जुलाई 2026 को इन जीवाश्मों को सुरक्षित रूप से संग्रहालय पहुँचा दिया गया है। अब वैज्ञानिक जांच के बाद यह साफ हो पाएगा कि ये किस तरह के प्राचीन पेड़ थे और बिहार के प्राकृतिक इतिहास में इनका क्या महत्व है।