Bihar: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड में सरकारी दावों के उलट नल जल योजना पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। राजंदीपुर पंचायत के वार्ड नंबर 2 में पिछले छह सालों से करीब 200 घरों की टोटियां सूखी पड़ी हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण
Bihar: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड में सरकारी दावों के उलट नल जल योजना पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। राजंदीपुर पंचायत के वार्ड नंबर 2 में पिछले छह सालों से करीब 200 घरों की टोटियां सूखी पड़ी हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं और जर्जर पाइपलाइनों की वजह से समस्या और बढ़ गई है।
सबौर के किन इलाकों में है पानी की किल्लत
सिर्फ राजंदीपुर ही नहीं, बल्कि खानकित्ता पंचायत के महादलित बहुल वार्ड संख्या 2, 3, 6 और 7 में पिछले डेढ़ साल से पानी नहीं आ रहा है। सबौर नगर पंचायत और इंग्लिश गांव के वार्ड नंबर 11 में भी लोग पानी की कमी से परेशान हैं। इसके अलावा ममलखा, बैजलपुर, बरारी, फरका और सरधो पंचायतों के कई मोहल्लों में अब तक यह योजना पहुंच ही नहीं पाई है।
अधिकारियों का क्या है कहना और क्या होगी कार्रवाई
सबौर PHED के जूनियर इंजीनियर रोशन कुमार ने माना कि कई पंचायतों में समस्या है जिसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग आधे HP की मोटर लगाकर पानी खींचते हैं जिससे आगे के घरों तक सप्लाई नहीं पहुंच पाती। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि योजना में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा या समय से पहले रिटायर कर दिया जाएगा। PHED मंत्री संजय कुमार सिंह ने भी रखरखाव के लिए फंड बढ़ाने और जिलावार सर्वे कराने की बात कही है।
कब तक दूर होगी पानी की समस्या
PHED पूर्वी प्रभाग ने ममलखा, बैजलपुर, बरारी, फरका और सरधो पंचायतों के छूटे हुए 10 वार्डों के लिए नई योजना बनाई है। इसके लिए निविदा जारी की जा चुकी है और तकनीकी बिड 24 अप्रैल 2026 को खोली जाएगी। एजेंसी का चयन होने के बाद काम शुरू होने में करीब छह महीने का समय लगेगा। पंचायती राज विभाग ने उन वार्ड सदस्यों से पैसा वसूलने का आदेश दिया है जिन्होंने काम पूरा नहीं किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सबौर में नल जल योजना क्यों विफल रही है
पाइपलाइनों के जर्जर होने, रखरखाव के लिए फंड की कमी और कुछ लोगों द्वारा निजी मोटर लगाकर पानी खींचने की वजह से सप्लाई बाधित हुई है।
लापरवाह अधिकारियों पर सरकार ने क्या एक्शन लेने की बात कही है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी है कि अनियमितता के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा या उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) दी जाएगी।