Bihar: भागलपुर आरपीएफ पोस्ट की महिला सिपाहियों को अब ट्रेनों में गश्ती के दौरान सुरक्षा के लिए चिली स्प्रे दिया जाएगा। यह कदम महिला जवानों और यात्रियों, दोनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है। भारतीय रेलवे की इस योज
Bihar: भागलपुर आरपीएफ पोस्ट की महिला सिपाहियों को अब ट्रेनों में गश्ती के दौरान सुरक्षा के लिए चिली स्प्रे दिया जाएगा। यह कदम महिला जवानों और यात्रियों, दोनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है। भारतीय रेलवे की इस योजना का मकसद महिला अधिकारियों को आत्मरक्षा के लिए आधुनिक और गैर-घातक हथियार देना है।
चिली स्प्रे देने का फैसला क्यों लिया गया
आरपीएफ के महानिदेशक Manoj Yadav ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के विजन के अनुरूप है। ट्रेनों, सुनसान स्टेशनों और दूर-दराज के इलाकों में ड्यूटी के दौरान महिला जवानों को कई बार मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चिली स्प्रे उन्हें हमलावरों को रोकने और आपातकालीन स्थिति से निपटने में मदद करेगा। यह स्प्रे आंखों में अस्थायी जलन पैदा करता है, जिससे हमलावर कुछ देर के लिए बेबस हो जाता है और इसका कोई स्थायी दुष्प्रभाव नहीं होता है।
मालदा डिवीजन और भागलपुर में क्या है अपडेट
भागलपुर आरपीएफ पोस्ट मालदा डिवीजन के अंतर्गत आता है। मालदा डिवीजन के सुरक्षा आयुक्त A.K. Kullu ने महिला कर्मियों से फीडबैक लेने के बाद मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट के बाद अब जल्द ही भागलपुर समेत पूरे डिवीजन की महिला जवानों को चिली स्प्रे मुहैया कराया जाएगा। इसमें ‘Meri Saheli’ टीम की सदस्य भी शामिल होंगी, जो महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम करती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में होने वाले बदलाव
- महिला आरपीएफ कर्मियों को आत्मरक्षा के लिए चिली स्प्रे मिलेगा।
- इसका इस्तेमाल ट्रेनों और सुनसान रेलवे स्टेशनों पर गश्ती के दौरान होगा।
- मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है।
- यह एक नॉन-लीथल (गैर-घातक) टूल है जो अपराधियों को रोकने में कारगर होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चिली स्प्रे का उपयोग कहाँ किया जाएगा?
इसका उपयोग भागलपुर और मालदा डिवीजन की महिला आरपीएफ जवान ट्रेनों में गश्ती, सुनसान स्टेशनों और रिमोट रेलवे लोकेशन्स पर अपनी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए करेंगी।
यह पहल किन अधिकारियों की देखरेख में हो रही है?
यह पहल भारतीय रेलवे और आरपीएफ महानिदेशक Manoj Yadav के दिशा-निर्देशों के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है।