Bhagalpur समेत 20 स्टेशनों पर लगेगा हाईटेक सुरक्षा सिस्टम, रेलवे ने 274 करोड़ की योजना को दी मंजूरी

Bhagalpur: भागलपुर और मालदा रेल डिवीजन के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ने इस क्षेत्र के 20 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 274 करोड़

Bhagalpur: भागलपुर और मालदा रेल डिवीजन के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ने इस क्षेत्र के 20 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 274 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे ट्रेनों का संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज हो जाएगा।

इस नई तकनीक का मुख्य मकसद पुराने रिले-आधारित सिग्नलिंग सिस्टम को हटाकर हाई-टेक सुरक्षा प्रणाली लाना है। इससे मानवीय गलतियों की गुंजाइश खत्म होगी और ट्रेनों के रूट निर्धारण का काम ऑटोमैटिक हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने 2 जुलाई 2026 को इसकी घोषणा की है, जिसके बाद अब रेलवे बोर्ड के निर्देश पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।

इस योजना के तहत मालदा रेल डिवीजन के कुल 20 स्थानों पर काम होगा, जिनमें 18 स्टेशन और 2 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) पॉइंट शामिल हैं। इन स्टेशनों की लिस्ट नीचे दी गई है:

शामिल स्टेशन और स्थान
धरहरा, अभयपुर, उरैन, धनौरी, तीन पहाड़, विक्रमशिला, मसूदन, पोराडांगा, महीपाल रोड, दशरथपुर, धमधमिया, कुडीह, खालसीपुर, कजरा, तीलडांगा, गौर मालदा, इचामाग्राम, मालदा टाउन, आरआरआई, अहीरन और पोरीडांगा

इस सिस्टम के आने से यात्रियों को कई फायदे होंगे। ट्रेनों की समयपालन (Punctuality) में सुधार होगा और तकनीकी खराबी होने पर उसे जल्दी ठीक किया जा सकेगा। साथ ही, यह नेटवर्क भविष्य में स्वदेशी कवच (Kavach) जैसी ऑटोमैटिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के साथ जुड़ने के लिए तैयार हो जाएगा।

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर अन्य सुधार कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। स्टेशन पर आधुनिक रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) सिस्टम बनाया जा रहा है, जिससे पूरे स्टेशन का संचालन एक ही पैनल से होगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 6 तक पुरानी पटरियों को बदलकर 60 किलो की मजबूत पटरियां बिछाई जा रही हैं। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 का विस्तार भी 7 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, ताकि तेजस और अमृत भारत जैसी लंबी ट्रेनें यहाँ आसानी से रुक सकें।

सुरक्षा के लिहाज से भागलपुर रेल मंडल के 39 नॉन-इंटरलॉकिंग गेटों और कोचिंग यार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही, जगदीशपुर के पास 190 करोड़ रुपये की लागत से एक नया भागलपुर रेलवे टर्मिनल बनाने की योजना को भी रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।