Bihar: भागलपुर में इस साल मार्च से मई के बीच मौसम ने सबको चौंका दिया। यहाँ 334.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसने पिछले 12 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह बारिश सामान्य से 157% ज्यादा रही, जिससे स्थानीय जल स्रोत भर गए हैं
Bihar: भागलपुर में इस साल मार्च से मई के बीच मौसम ने सबको चौंका दिया। यहाँ 334.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसने पिछले 12 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह बारिश सामान्य से 157% ज्यादा रही, जिससे स्थानीय जल स्रोत भर गए हैं और खेतों में नमी आई है, जो खेती के लिए अच्छी बात है।
प्री-मानसून बारिश का असर और नुकसान क्या रहा
इस भारी बारिश से तालाब और जलाशय भर गए हैं, जिससे खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिली है। हालांकि, 25 मई के आसपास भागलपुर में भीषण तूफान आया था। हवा की रफ्तार 85 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक थी और 23-25 मिमी बारिश हुई। इस वजह से बिजली गुल हो गई और रेल व सड़क नेटवर्क में काफी दिक्कतें आईं। IMD के अनुसार, यह सब दक्षिणी बिहार में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से आई नमी की वजह से हुआ।
मानसून 2026 के लिए IMD की क्या भविष्यवाणी है
प्री-मानसून की अच्छी बारिश के बाद अब असली मानसून को लेकर चिंता बढ़ गई है। IMD ने बिहार और पूरे भारत के लिए ‘सामान्य से कम’ बारिश का अनुमान जताया है। देश में मानसून के कमजोर रहने की 60% संभावना है। पटना के मौसम विज्ञानी संजय कुमार ने बताया कि El Niño के प्रभाव और पिछले दशक से घटते रुझान के कारण जुलाई से सितंबर के बीच बारिश कम और अनियमित हो सकती है।
किसानों के लिए क्या है जरूरी सलाह
मानसून कमजोर रहने की आशंका को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है। RPCAU पूसा के निदेशक रत्नेश कुमार झा ने कहा कि धान और जूट जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को कम पानी वाली और कम समय में पकने वाली धान की किस्मों को चुनने की सलाह दी है। साथ ही, पानी की कमी वाले इलाकों में मक्का जैसी फसलें उगाने और एक साथ कई फसलें (Multi-cropping) लेने का सुझाव दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में इस बार कितनी बारिश हुई और यह क्यों खास है?
मार्च से मई के बीच भागलपुर में 334.4 मिमी बारिश हुई, जो पिछले 12 साल का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड है। यह औसत से 157% अधिक है, जिससे जल स्तर बढ़ा है।
बिहार में मानसून 2026 कैसा रहने वाला है?
IMD के अनुसार बिहार में इस साल मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना है। El Niño के प्रभाव के कारण बारिश कम और असमान हो सकती है।