Bihar: भागलपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना भागलपुर ने एक धोखाधड़ी के मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए पीड़ित व्यक्ति के 6,15,828.30 रुपये वापस दिला दिए हैं। यह पूरी प्रक्रिया पीड़ित द्
Bihar: भागलपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना भागलपुर ने एक धोखाधड़ी के मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए पीड़ित व्यक्ति के 6,15,828.30 रुपये वापस दिला दिए हैं। यह पूरी प्रक्रिया पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद तेजी से पूरी की गई।
कैसे वापस मिले ठगी के पैसे?
एक पीड़ित ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर साइबर थाना भागलपुर ने तुरंत काम शुरू किया और तकनीकी जांच के जरिए ठगी गई रकम को ट्रैक किया। पुलिस की इस तत्परता की वजह से कुल 6,15,828.30 रुपये सफलतापूर्वक रिकवर कर वास्तविक मालिक को सुपुर्द कर दिए गए।
साइबर अपराध रोकने के लिए पुलिस की तैयारी
भागलपुर पुलिस का साइबर सेल लगातार डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम और सरकारी योजनाओं जैसे PM-Kisan सम्मान निधि के नाम पर होने वाली ठगी पर नजर रख रहा है। पुलिस की टीमें तकनीकी निगरानी और छापेमारी के जरिए अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ उनके लैपटॉप, मोबाइल और बैंक पासबुक जैसे सबूत भी जब्त कर रही हैं।
सावधानी और रिपोर्टिंग का तरीका
वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारत सरकार ने Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के तहत ‘Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System’ (CFCFRMS) शुरू किया है। आम लोग किसी भी वित्तीय फ्रॉड की जानकारी तुरंत इस सिस्टम पर दे सकते हैं ताकि पैसे को समय रहते फ्रीज किया जा सके और वापस पाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर पुलिस ने कितने पैसे वापस कराए?
साइबर थाना भागलपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक धोखाधड़ी मामले में कुल 6,15,828.30 रुपये वास्तविक धारक को वापस कराए हैं।
साइबर फ्रॉड की शिकायत कहां करें?
वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट I4C के तहत बने ‘Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System’ (CFCFRMS) पर की जा सकती है।