Bihar: भागलपुर के पीर दमड़िया खानकाह में इतिहास का बड़ा खजाना मिला है। यहां 1000 से अधिक मुगलकालीन ऐतिहासिक पांडुलिपियां सुरक्षित पाई गई हैं, जिनमें पुराने फरमान और जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। यह खोज केंद्र सरकार के ‘
Bihar: भागलपुर के पीर दमड़िया खानकाह में इतिहास का बड़ा खजाना मिला है। यहां 1000 से अधिक मुगलकालीन ऐतिहासिक पांडुलिपियां सुरक्षित पाई गई हैं, जिनमें पुराने फरमान और जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। यह खोज केंद्र सरकार के ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत की गई है, जिसका मकसद भारत की पुरानी विरासतों को बचाना और उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है।
क्या है ज्ञान भारतम मिशन और कैसे मिलीं ये पांडुलिपियां?
भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को पीर दमड़िया खानकाह और शहर के अन्य सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया। इसी निरीक्षण के दौरान इतनी बड़ी संख्या में संरक्षित पांडुलिपियां सामने आईं। ज्ञान भारतम मिशन भारत सरकार की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसकी घोषणा बजट 2025-26 में हुई थी। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से इस मिशन के जरिए कम से कम 75 साल या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों की पहचान की जा रही है।
पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
DDC प्रदीप कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी महत्वपूर्ण स्थलों की पहचान कर पांडुलिपियों का तुरंत दस्तावेजीकरण किया जाए। इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सिस्टम का उपयोग कर एक नेशनल डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी।
- पांडुलिपियां संबंधित संस्था या व्यक्ति के पास ही रहेंगी, बस उनका डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
- शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
- बिहार में अब तक 4,71,802 पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है।
बिहार में किन केंद्रों पर हो रहा है यह काम?
बिहार सरकार इस मिशन को तेजी से लागू कर रही है। इसके लिए राज्य में कुछ प्रमुख केंद्रों को जिम्मेदारी सौंपी गई है और जिला स्तर पर समितियां बनाई जा रही हैं।
| प्रमुख केंद्र/क्षेत्र |
विवरण |
| प्रमुख लाइब्रेरी/मठ |
नव नालंदा महाविहार, खुदा बख्श लाइब्रेरी और बोधगया मठ |
| सक्रिय जिले |
पटना, अररिया और किशनगंज में सर्वेक्षण जारी है |
| डिजिटल माध्यम |
ज्ञान भारतम मोबाइल ऐप के जरिए विवरण दर्ज किया जा सकता है |