Bhagalpur में सफाई व्यवस्था बदलने की तैयारी, 216 करोड़ के नए RFP मॉडल को मिली मंजूरी

Bhagalpur: शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के लिए एक नए RFP मॉडल को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। इस नए प्लान से शहर की सफाई व्यवस्था में ब

Bhagalpur: शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के लिए एक नए RFP मॉडल को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। इस नए प्लान से शहर की सफाई व्यवस्था में बड़े बदलाव आएंगे, जिससे आम लोगों को गंदगी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मेयर की अध्यक्षता में Bhagalpur Smart City Auditorium में हुई बैठक में सभी पार्षदों ने इस मॉडल पर अपनी सहमति जताई। यह पूरा सफाई प्रोजेक्ट 216 करोड़ रुपये का है, जिसे अगले चार साल तक चलाया जाएगा। चीफ सॉलिड वेस्ट ऑफिसर शशि भूषण ने बताया कि इस सिस्टम के आने से शहर में सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन, गाड़ियां और मैनपावर उपलब्ध होगी।

इस बार सफाई के लिए ‘इंदौर मॉडल’ की मदद ली जा रही है। अब हर घर के बाहर QR कोड लगाए जाएंगे, जिससे यह पता चल सकेगा कि कचरा उठाने वाली गाड़ी वहां आई थी या नहीं। इससे काम करने वालों की जवाबदेही तय होगी। साथ ही, लोगों को घर से ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके देना होगा। शुरुआत में चेतावनी दी जाएगी, लेकिन बाद में नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

सफाई के नए नियमों के तहत अब कचरे को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिसमें गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल है। इसके लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन और वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण पर जोर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए एक स्पेशल सेल बनाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और शहरी विकास विभाग के निर्देश पर यह कदम उठाए गए हैं।

निगरानी सेल के पास यह अधिकार होगा कि अगर कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसकी बिजली और पानी की सप्लाई काटने की सिफारिश की जा सके। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए MaRS Consultancy प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम कर रही है। नए सिस्टम के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है और मोबाइल टॉयलेट्स की खरीद के लिए जुलाई में तकनीकी बिड खोली जाएगी।