Bihar: भागलपुर के शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। सबौर-बरारी में एक नया 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र बनाया जाएगा, जिससे लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ब
Bihar: भागलपुर के शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। सबौर-बरारी में एक नया 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र बनाया जाएगा, जिससे लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए ऊर्जा विभाग ने जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नया ग्रिड उपकेंद्र और जमीन का मामला क्या है?
ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी भागलपुर को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में जगदीशपुर अंचल के तहत स्वास्थ्य विभाग की 5 एकड़ जमीन को बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTBL) के नाम ट्रांसफर करने को कहा गया है। यह जमीन सबौर-बरारी क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रिड बनाने के लिए जरूरी है, ताकि बिजली आपूर्ति को और मजबूत किया जा सके।
पीरपैंती पावर प्लांट और अन्य सुधारों का क्या अपडेट है?
बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लीज दस्तावेजों पर लगने वाले स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क को माफ कर दिया है। इससे प्रोजेक्ट की लागत कम होगी और काम तेजी से बढ़ेगा। इसके अलावा, जिले में 33 केवी हाईटेंशन लाइन के पुराने तारों को बदलकर नए वुल्फ कंडक्टर लगाए जा रहे हैं, जिससे करंट ले जाने की क्षमता बढ़ेगी और वोल्टेज की समस्या कम होगी।
बिजली बुनियादी ढांचे के लिए अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स
भागलपुर में बिजली की स्थिति सुधारने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है। पीरपैंती में 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अलग पावर ग्रिड बनाने की योजना है, जिससे करीब 3.34 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। वहीं, अदाणी पावर लिमिटेड पीरपैंती में 2400 मेगावाट का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट विकसित कर रहा है, जिसमें 30,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सबौर-बरारी ग्रिड के लिए कितनी जमीन की जरूरत है?
इस ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए ऊर्जा विभाग ने जिलाधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की चिन्हित 5 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने के लिए पत्र भेजा है।
पीरपैंती पावर प्लांट प्रोजेक्ट से क्या फायदा होगा?
अदाणी पावर द्वारा विकसित 2400 मेगावाट के प्लांट से ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।