Bhagalpur में NDPS एक्ट के मामले में अभियुक्त को मिली कठोर सजा, पुलिस की चार्जशीट काम आई

Bhagalpur: भागलपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब अदालतों में रंग ला रही है। पुलिस ने कोर्ट में ठोस सबूत और मजबूत चार्जशीट पेश की, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने एक अभियुक्त को कठोर सजा सुनाते हुए जेल

Bhagalpur: भागलपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब अदालतों में रंग ला रही है। पुलिस ने कोर्ट में ठोस सबूत और मजबूत चार्जशीट पेश की, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने एक अभियुक्त को कठोर सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है। पुलिस की इस सफलता से इलाके के नशा तस्करों में डर का माहौल है।

नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए भागलपुर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। हाल के दिनों में पुलिस ने बबरगंज और कहलगांव जैसे इलाकों से भारी मात्रा में गांजा और ब्राउन शुगर जब्त किया है। साथ ही, इसाक चक क्षेत्र से हजारों की संख्या में नशीली गोलियां और कोडिन सिरप भी बरामद किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय पर साक्ष्य जुटाने और सही तरीके से चार्जशीट दाखिल करने से अपराधियों को सजा दिलाने में आसानी हो रही है।

मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए बिहार सरकार ने भागलपुर, गयाजी और पूर्णिया में NDPS के विशेष कोर्ट बनाने की मंजूरी दे दी है। वर्तमान में भागलपुर में लगभग पांच सौ मामले लंबित हैं। विशेष लोक अभियोजक श्रीधर कुमार सिंह के मुताबिक, अलग कोर्ट न होने की वजह से अन्य केसों की वजह से NDPS मामलों की सुनवाई में देरी होती थी, लेकिन अब नए कोर्ट बनने से अभियुक्तों को समय पर सजा मिल सकेगी।

नियमों के मुताबिक, NDPS एक्ट में नशीली दवाओं की मात्रा के आधार पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। बार-बार अपराध करने वालों के लिए सजा की अवधि बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, पुलिस के लिए चुनौती यह रहती है कि FSL रिपोर्ट और तलाशी के नियमों का पूरी तरह पालन हो, क्योंकि प्रक्रियात्मक कमी होने पर अभियुक्तों के बरी होने का खतरा रहता है। भागलपुर के SSP प्रमोद कुमार और City SP शैलेंद्र सिंह इस दिशा में सक्रियता से काम कर रहे हैं ताकि कोई भी तस्कर कानून से बच न पाए।