Bihar: भागलपुर नगर निगम ने खरीदारी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब निगम में होने वाली खरीदारी में किसी भी तरह की मनमानी या पसंदीदा वेंडरों को फायदा पहुँचाने का काम बंद होगा। प्रशासन ने तय किया है कि छोटे से छोटे
Bihar: भागलपुर नगर निगम ने खरीदारी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब निगम में होने वाली खरीदारी में किसी भी तरह की मनमानी या पसंदीदा वेंडरों को फायदा पहुँचाने का काम बंद होगा। प्रशासन ने तय किया है कि छोटे से छोटे सामान के लिए भी अब ई-प्रॉक्योरमेंट (e-procurement) सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा।
ई-टेंडर सिस्टम से क्या बदलेगा
अब पाइपलाइन की मरम्मत के पुर्जे हों या पानी की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, हर चीज की खरीदारी पारदर्शी तरीके से टेंडर के जरिए होगी। इससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा और निगम के पैसे की बचत होगी। जलकल शाखा के प्रभारी वशिष्ठ नारायण चौधरी ने बताया कि इस कदम से बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा।
सामान की क्वालिटी की जिम्मेदारी किसकी होगी
नगर आयुक्त ने खरीदारी में पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के मुताबिक, अब जो एजेंसी सामान की सप्लाई करेगी, सामान की गुणवत्ता (Quality) की पूरी जिम्मेदारी उसी एजेंसी की होगी। इससे घटिया सामान की सप्लाई पर रोक लगेगी और नगर निगम को बेहतर क्वालिटी का सामान मिल सकेगा।
नगर निगम के अन्य हालिया फैसले
- शहर की साफ-सफाई के लिए 200 करोड़ रुपये का टेंडर जारी करने की योजना है।
- हाट-बाजार और तालाबों के मैनेजमेंट का काम अब नगर निकाय संभालेंगे।
- शहरी इलाकों में बिल्डिंग मैप पास कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
- जमीन म्यूटेशन के लिए रजिस्ट्री रेट का 0.1% शुल्क लागू किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नगर निगम ने खरीदारी के लिए नया नियम क्यों लागू किया?
खरीदारी में होने वाली अनियमितताओं, पसंदीदा वेंडरों को फायदा पहुँचाने और बिचौलियों के प्रभाव को खत्म करने के लिए ई-टेंडर सिस्टम अनिवार्य किया गया है।
क्या छोटे सामानों के लिए भी टेंडर कराना होगा?
हाँ, नगर निगम ने छोटे सामानों की खरीदारी के लिए भी ई-प्रॉक्योरमेंट प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।