Bihar: भागलपुर के किसानों और आम लोगों के लिए चिंता वाली खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल मानसून के दौरान जिले में सामान्य से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हो सकती है। प्रशांत महासागर में अल नीनो के विकसित होने
Bihar: भागलपुर के किसानों और आम लोगों के लिए चिंता वाली खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल मानसून के दौरान जिले में सामान्य से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हो सकती है। प्रशांत महासागर में अल नीनो के विकसित होने की वजह से मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ सकती हैं, जिसका सीधा असर बारिश पर पड़ेगा।
क्यों कम होगी इस बार बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून के कमजोर रहने की मुख्य वजह अल नीनो (El Niño) है। जब प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनती है, तो भारत में बारिश कम होती है। IMD के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्र ने बताया कि देश में जून से सितंबर के बीच औसत बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। स्काईमेट वेदर ने भी इसी तरह का पूर्वानुमान लगाया है।
भागलपुर और बिहार के मौसम का हाल
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल तक दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन का पारा 38.0°C और रात का 25.0°C के पार जा सकता है। IMD के विश्लेषण के मुताबिक, बिहार के कई जिलों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
आम जनजीवन और खेती पर क्या होगा असर
- खरीफ फसलों के उत्पादन में कमी आ सकती है।
- जलाशयों और तालाबों में पानी का स्तर गिर सकता है।
- भीषण गर्मी की समस्या बढ़ सकती है।
- ग्रामीण इलाकों में मांग और खाद्य कीमतों पर असर पड़ सकता है।