Bhagalpur में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, धान की खेती पर संकट; 28 जून के बाद मिल सकती है राहत

Bhagalpur: भागलपुर में मानसून के बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश की कमी का सबसे बुरा असर खेती पर पड़ा है, जहां धान की फसल तैयार करने में जुटे क

Bhagalpur: भागलपुर में मानसून के बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हो रही है, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश की कमी का सबसे बुरा असर खेती पर पड़ा है, जहां धान की फसल तैयार करने में जुटे किसान अब पानी के लिए तरस रहे हैं। खेतों में बिचड़ा तो डाल दिया गया है, लेकिन पर्याप्त पानी न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।

मंगलवार सुबह से ही तेज धूप और उमस का असर रहा। 23 जून को तापमान 37°C दर्ज किया गया, लेकिन आर्द्रता की वजह से यह 47°C जैसा महसूस हो रहा था। मौसम विभाग (IMD) लगातार बारिश की संभावना जता रहा था, लेकिन जमीन पर बारिश न होने से किसान अब बोरिंग और निजी सिंचाई के साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ गई है।

जिला कृषि पदाधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद ने बताया कि लगभग 60% किसानों ने निजी संसाधनों से नर्सरी तैयार की है और सरकार की ओर से धान के बीजों का वितरण किया जा रहा है। वहीं, बीएयू सबौर के नोडल पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों को सबौर श्री, स्वर्णा सब-1, राजश्री और राजेंद्र मंसूरी जैसी लंबी अवधि वाली धान की किस्में लगाने की सलाह दी है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, भागलपुर में व्यापक बारिश के लिए 28 जून तक का इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, 27 जून से 2 जुलाई, 2026 के बीच पूरे बिहार में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई में तेजी आएगी।

प्रशासनिक स्तर पर भी कृषि कार्यों की निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने ‘एग्री स्टैक’ परियोजना के तहत किसान रजिस्ट्री और ई-केवाईसी के काम में देरी पर अधिकारियों को चेतावनी दी है। इसके अलावा, कहलगांव के ओगरी पंचायत में आयोजित कृषि चौपाल में किसानों ने सरकारी योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता की मांग की है। कृषि विभाग ने किसानों को प्रमाणित बीजों के इस्तेमाल और बीजोपचार करने की सलाह दी है।