Bhagalpur में आंधी-बारिश के दौरान शेड गिरने से दूध विक्रेता की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर नौलखा में हंगामा

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में मंगलवार शाम को भारी आंधी और बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। विक्रमशिला सेतु के पास बेली ब्रिज के पास एक अस्थायी शेड गिरने से 38 वर्षीय दूध विक्रेता विनय कुमार की मौत हो गई। इस घटना के

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में मंगलवार शाम को भारी आंधी और बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। विक्रमशिला सेतु के पास बेली ब्रिज के पास एक अस्थायी शेड गिरने से 38 वर्षीय दूध विक्रेता विनय कुमार की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर नौलखा में सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया।

जानकारी के मुताबिक, बिहपुर के सोनवरषा निवासी विनय कुमार अपने छोटे बेटे लकी के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। अचानक मौसम बिगड़ने और तेज आंधी आने पर उन्होंने जनरेटर और उपकरणों को रखने वाले एक शेड के नीचे शरण ली। जगह कम होने के कारण विनय ने अपने बेटे को अंदर बैठा दिया और खुद बाहर खड़े रहे। इसी दौरान तेज हवाओं की वजह से शेड गिर गया, जिससे विनय के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उनके बेटे लकी को भी मामूली चोटें आई हैं।

इस हादसे में सबसे ज्यादा चर्चा प्रशासन और स्थानीय लोगों की संवेदनहीनता की हो रही है। मृतक के बेटे लकी ने बताया कि उसने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और राहगीरों से मदद की गुहार लगाई और अस्पताल ले जाने के लिए पैसे तक देने की पेशकश की, लेकिन करीब एक घंटे तक किसी ने मदद नहीं की। बाद में एक ऑटो ड्राइवर की मदद से और पुलिस के सहयोग से उन्हें मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनय को मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी और समय पर मदद न मिलने से नाराज होकर मंगलवार रात नौलखा में सड़क जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर जगदीशपुर के Circle Officer (CO) सतीश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का भरोसा दिया है।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, आंधी, भारी बारिश या टिन शेड गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले के आश्रितों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि वह अस्थायी शेड क्यों गिरा और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने समय पर मदद क्यों नहीं की। बता दें कि IMD ने 20 से 26 जून 2026 तक बिहार और झारखंड में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया था।