Bhagalpur में 27 अस्पतालों और लैब से मेडिकल कचरा उठाव बंद, सड़कों पर फेंकी जा रही रूई और सिरिंज
Bhagalpur: शहर के 27 पैथोलॉजी लैब और अस्पतालों में मेडिकल कचरा जमा होने से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बकाया भुगतान न होने की वजह से कचरा उठाने वाली एजेंसी ने काम रोक दिया है, जिसके कारण अब अस्पतालों की इस्तेमाल की हुई रू
Bhagalpur: शहर के 27 पैथोलॉजी लैब और अस्पतालों में मेडिकल कचरा जमा होने से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बकाया भुगतान न होने की वजह से कचरा उठाने वाली एजेंसी ने काम रोक दिया है, जिसके कारण अब अस्पतालों की इस्तेमाल की हुई रूई, पट्टियां और इंजेक्शन जैसी खतरनाक चीजें सड़कों के किनारे फेंकी जा रही हैं। इससे शहर के लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक, Synergy Waste Management (P) Ltd नाम की एजेंसी ने बकाया पैसा न मिलने के कारण इन स्वास्थ्य संस्थानों से कचरा उठाना बंद कर दिया है। इस लापरवाही की वजह से जैविक अपशिष्ट (Bio-medical waste) खुले में पड़ा है, जो आम जनता और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने सभी संबंधित पैथोलैब और अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए और कचरे के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुछ संस्थानों ने भुगतान करना शुरू कर दिया है।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) ने भी पहले चेतावनी दी थी कि बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 का पालन न करने वाले केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, भागलपुर में एक विशेष मल्टी-डिपार्टमेंट सेल बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत इस सेल के पास नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने का अधिकार है।
शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम अब इंदौर मॉडल लागू कर रहा है, जिसमें घरों पर क्यूआर कोड लगाकर निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, कनकैथी में एक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर बनाया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके। अगस्त महीने से शहर में सफाई की नई व्यवस्था लागू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।