Bihar: भागलपुर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के खिलाफ दवा कारोबारियों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है. बुधवार, 20 मई 2026 को शहर के लगभग 1400 मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम मरीजों को दवाइयां लेने में काफी दिक्कतें आईं. यह बंदी
Bihar: भागलपुर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के खिलाफ दवा कारोबारियों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है. बुधवार, 20 मई 2026 को शहर के लगभग 1400 मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम मरीजों को दवाइयां लेने में काफी दिक्कतें आईं. यह बंदी ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल का हिस्सा थी, जिसमें बिहार की 40 हजार से ज्यादा दुकानें बंद रहीं.
दवा कारोबारियों ने क्यों किया विरोध प्रदर्शन
भागलपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. कारोबारियों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली दवाओं की बिक्री कर रहे हैं. जिला महासचिव प्रशांत लाल ठाकुर और अन्य सदस्यों ने कहा कि इससे न केवल उनका बिजनेस प्रभावित हो रहा है, बल्कि नकली दवाओं का खतरा भी बढ़ गया है. उनका कहना है कि AI तकनीक के जरिए फर्जी पर्चे बनाकर दवाइयां बेची जा रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है.
शहर में कितना हुआ नुकसान और क्या रही स्थिति
इस एक दिन की हड़ताल से भागलपुर के दवा कारोबार को बड़ा झटका लगा है. केवल थोक कारोबार में करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि फुटकर दुकानों को मिलाकर यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये के पार जा सकता है. शहर के घंटाघर, एमजी रोड, आदमपुर, तिलकामांझी और हटिया रोड जैसे मुख्य इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. हालांकि, मरीजों की इमरजेंसी को देखते हुए मायागंज अस्पताल के बाहर कुछ निजी दुकानें खुली रहीं और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJK) भी खुले रहे, जिससे कुछ लोगों को राहत मिली.
सरकार की तैयारी और भविष्य की चेतावनी
बिहार केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने उनकी तीन सूत्री मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ सकती है. दूसरी तरफ, सरकार अब ऑनलाइन फार्मेसी के लिए नया कानून लाने और भ्रामक विज्ञापनों पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है, क्योंकि मौजूदा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में ऑनलाइन बिक्री के लिए स्पष्ट नियम नहीं हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में मेडिकल स्टोर क्यों बंद रहे?
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में और AIOCD की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण भागलपुर के लगभग 1400 मेडिकल स्टोर बंद रहे, ताकि सरकार ऑनलाइन फार्मेसी के नियमों को सख्त करे.
हड़ताल के दौरान मरीजों के लिए क्या विकल्प थे?
मरीजों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJK) खुले रहे और मायागंज अस्पताल के बाहर कुछ निजी दवा दुकानें आपातकालीन सेवाओं के लिए चालू रहीं.