Bhagalpur के Mayaganj Hospital में दो ऑक्सीजन प्लांट बंद, कोरोना की दस्तक के बीच मरीजों की बढ़ी परेशानी

Bhagalpur: शहर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (JLNMC H), जिसे मायागंज अस्पताल के नाम से जाना जाता है, वहां ऑक्सीजन की व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना के मामलों की चिंता के बीच अस्पताल के दो अह

Bhagalpur: शहर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (JLNMC H), जिसे मायागंज अस्पताल के नाम से जाना जाता है, वहां ऑक्सीजन की व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना के मामलों की चिंता के बीच अस्पताल के दो अहम ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट पिछले तीन साल से बंद पड़े हैं। इनमें से एक प्लांट PM CARES Fund से और दूसरा राज्य के CM Care Fund से बना था, लेकिन रखरखाव न होने की वजह से ये चालू नहीं हो पा रहे हैं।

अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के हेल्थ मैनेजर पवन पांडे ने बताया कि 2000 LPM और 300 LPM क्षमता वाले ये दोनों प्लांट मेंटेनेंस की कमी के कारण बंद हैं। फिलहाल पूरे अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई सिर्फ एक ही प्लांट के भरोसे चल रही है। हालत यह है कि 13 से 16 जुलाई 2026 के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की जांच के लिए जो मॉक ड्रिल होनी थी, उसे मायागंज अस्पताल में टाल दिया गया।

परेशानी सिर्फ प्लांट तक सीमित नहीं है, मेडिसिन इमरजेंसी फैब्रिकेटेड वार्ड को अभी तक सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है। इस वजह से मरीजों के इलाज के लिए जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडरों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि इस कनेक्शन के लिए प्रशासन को नौ बार पत्र लिखे जा चुके हैं। सिलेंडरों के इस्तेमाल से न केवल सप्लाई में रुकावट आती है, बल्कि अस्पताल को हर महीने करीब तीन लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच.पी. दुबे ने कहा कि उन्होंने पाइपलाइन कनेक्शन के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण अब यह संदेह जताया जा रहा है कि सिलेंडर सप्लाई करने वालों और अस्पताल के कुछ कर्मचारियों के बीच कोई मिलीभगत हो सकती है। प्लांट बंद होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग को हर महीने लिक्विड ऑक्सीजन खरीदने के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।