Bhagalpur के मायागंज अस्पताल में CCTV की नजर रहेंगे डॉक्टर, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई
Bhagalpur: मायागंज अस्पताल (JLNMCH) में अब डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा के बाद अस्पताल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है ताकि ओपीडी और इंडोर वार्ड में समय पर इलाज मिल सके।
Bhagalpur: मायागंज अस्पताल (JLNMCH) में अब डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा के बाद अस्पताल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है ताकि ओपीडी और इंडोर वार्ड में समय पर इलाज मिल सके। अब सीसीटीवी कैमरों के जरिए यह देखा जाएगा कि कौन सा डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर आ रहा है और कौन मरीजों को इंतजार करा रहा है।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar ने बताया कि राज्य के करीब 15,000 सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में CCTV लगाए जाएंगे। इसका मकसद डॉक्टरों के काम करने के तरीके की निगरानी करना और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। मंत्री ने साफ किया है कि वह खुद फुटेज देखेंगे और जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण भी करेंगे। अगर कोई अनियमितता या देरी पाई गई तो संबंधित कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी को और पुख्ता करने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर भी बनाया जा रहा है जिससे डॉक्टरों के आने-जाने का समय और उनकी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इसके लिए पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में एक कमांड रूम बनाया जाएगा, जहां से सभी अस्पतालों की सीधी निगरानी होगी। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक Dr. H.P. Dubey ने कहा कि सुरक्षा के लिए कुछ कैमरे पहले से चालू हैं और बाकी व्यवस्था के लिए विभागीय पत्र का इंतजार है।
इसी बीच भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 1 जुलाई 2026 को एक नया 4-बेड वाला एडवांस्ड ICU वार्ड शुरू किया गया है। इससे अब गंभीर मरीजों को 24 घंटे क्रिटिकल केयर मिल सकेगा और उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर करने की जरूरत कम होगी। इसके अलावा शहर के शहरी इलाकों में नौ नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी भी दी गई है ताकि आम लोगों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।