Bihar: भागलपुर के माणिक सरकार घाट इलाके में जमीन धंसने से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस घटना की वजह से करीब 50 घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे वहां रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पा
Bihar: भागलपुर के माणिक सरकार घाट इलाके में जमीन धंसने से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस घटना की वजह से करीब 50 घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे वहां रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की निकासी सही तरीके से नहीं होने की वजह से मिट्टी कमजोर हो गई और जमीन धंस गई।
इलाके में क्या है मौजूदा स्थिति?
13 मई 2026 को आई रिपोर्ट के मुताबिक, माणिक सरकार घाट पर एक बार फिर जमीन धंसने की घटना हुई है। लोग आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन ने पहले भी ऐसी घटनाओं के बाद कोई पक्का समाधान नहीं निकाला। कुछ समय पहले भी यहां सड़क धंसी थी, जिससे कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। अब दरारें और चौड़ी हो गई हैं, जिससे घरों के गिरने का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन और विभाग क्या कदम उठा रहे हैं?
बाढ़ नियंत्रण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि गंगा कटाव को रोकने के लिए 4 मई 2026 से काम शुरू होना था। इस काम पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें जियो-बैग और बोल्डर पीचिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) ने यहां 14 करोड़ रुपये की लागत से एक हाई-लेवल पुल बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसकी DPR भेज दी गई है।
पुरानी घटनाओं का इतिहास और नगर निगम की भूमिका
इस इलाके में जमीन धंसने की समस्या पुरानी है। नवंबर 2025 में सड़क धंसने के बाद नगर आयुक्त ने जियो-बैग डालने का निर्देश दिया था। मार्च 2026 में नगर निगम ने मिट्टी की जांच के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज को ₹1.04 लाख दिए थे, लेकिन बाद में नगर निगम ने अपने इंजीनियरों से ही डिजाइन तैयार कराने का फैसला किया। इससे पहले 2023 में छठ पर्व के समय भी यहां सड़क धंसी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
माणिक सरकार घाट पर जमीन धंसने का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके में पानी की उचित निकासी न होने के कारण मिट्टी कमजोर हो गई, जिससे जमीन धंसने की समस्या पैदा हुई है।
कटाव रोकने के लिए प्रशासन क्या योजना बना रहा है?
बाढ़ नियंत्रण कार्य प्रमंडल करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से जियो-बैग और बोल्डर पीचिंग का काम करेगा। साथ ही RWD द्वारा 14 करोड़ रुपये की लागत से हाई-लेवल पुल बनाने का प्रस्ताव है।