Bhagalpur में कांवरियों की सुरक्षा के लिए डबल डेकर वाहनों की एंट्री बंद, विक्रमशिला सेतु पर जाम से बचने के लिए शुरू होगी फेरी सेवा
Bhagalpur: श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए जिला प्रशासन ने कांवरियों की सुरक्षा और ट्रैफिक को संभालने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले इस मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प
Bhagalpur: श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए जिला प्रशासन ने कांवरियों की सुरक्षा और ट्रैफिक को संभालने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले इस मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों और डबल डेकर बसों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
भगालपुर के जिलाधिकारी (DM) ने सभी एसडीओ और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस पाबंदी का सख्ती से पालन कराया जाए। देओघर में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में यह तय किया गया कि श्रद्धालु वाहनों की छत पर बैठकर यात्रा नहीं करेंगे। सुरक्षा के लिए इस बार AI टेक्नोलॉजी और व्हाट्सएप नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो सके। साथ ही, बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले लोगों को पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है।
दूसरी तरफ, विक्रमशिला सेतु पर लग रहे जाम से निपटने के लिए प्रशासन फेरी सेवा (नाव) के विकल्प पर काम कर रहा है। आपको बता दें कि 4 मई 2026 को सेतु का एक हिस्सा ढह गया था, जिसके बाद BRO ने 7 जून को हल्का वाहनों के लिए बेली ब्रिज बनाया था। इस ब्रिज पर फिलहाल 10 टन तक के वाहन ही जा सकते हैं और यह वन-वे सिस्टम पर चल रहा है।
डीएम अलंकृता पांडे ने 6 जुलाई को एक बैठक कर नावों और कार्गो सेवाओं की तैयारी की समीक्षा की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि मुख्य विक्रमशिला सेतु 30 नवंबर 2026 तक दोबारा खुलेगा। तब तक सभी नाव सेवाएं मुफ्त रहेंगी और प्रशासन नाव संचालकों को इसका मुआवजा देगा। अगर कोई अवैध वसूली करता पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नाव जब्त कर ली जाएगी।
वर्तमान में बेली ब्रिज पर 15-20 मिनट का वेटिंग टाइम है, जो मेले के दौरान एक घंटे तक बढ़ सकता है। इसलिए श्रद्धालुओं को सुझाव दिया गया है कि वे खगड़िया-मुंगेर के रास्ते सुल्तानगंज जाएं। साथ ही, सेतु के पास बन रहे नए फोर-लेन ब्रिज का काम 50.15% पूरा हो चुका है, जिससे भविष्य में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।