Bihar: भागलपुर में एक दूल्हे को अपनी शादी के लिए नाव नहीं मिल पाई क्योंकि वह घाट पर समय से 10 मिनट देरी से पहुंचा। Vikramshila Setu के क्षतिग्रस्त होने की वजह से लोग नाव के भरोसे हैं, लेकिन शाम 5:30 बजे के बाद नावों का च
Bihar: भागलपुर में एक दूल्हे को अपनी शादी के लिए नाव नहीं मिल पाई क्योंकि वह घाट पर समय से 10 मिनट देरी से पहुंचा। Vikramshila Setu के क्षतिग्रस्त होने की वजह से लोग नाव के भरोसे हैं, लेकिन शाम 5:30 बजे के बाद नावों का चलना बंद हो जाता है। इसी वजह से जयराम कुमार नाम के दूल्हे को अपनी शादी के लिए डीएम साहब से मदद मांगनी पड़ी।
नाव चलने का समय और नियम क्या हैं
भागलपुर में सरकारी नावें सुबह 5:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलती हैं। सुरक्षा कारणों से सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर पूरी तरह रोक है। SDRF की टीमें लगातार गश्त करती हैं ताकि कोई भी नाव तय समय के बाद न चले। अगर कोई नाव समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती, तो उसे सुरक्षित किनारे पर खड़ा करने का नियम है।
किराया और सुविधाओं की क्या व्यवस्था है
सरकार द्वारा चलाई जा रही नावें पूरी तरह मुफ्त हैं, जिनमें अधिकतम 50 लोग बैठ सकते हैं। निजी नावों के लिए किराया तय किया गया है, जिसमें 12 साल से बड़े लोगों के लिए 50 रुपये, बच्चों के लिए 25 रुपये और मोटरसाइकिल के लिए 50 रुपये तय हैं। जो यात्री समय खत्म होने के बाद फंस जाते हैं, उनके लिए मयागंज और तटपुर में मुफ्त रेन बसेरा की सुविधा दी गई है।
Vikramshila Setu की क्या स्थिति है
3 मई 2026 की रात को विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब टूट गया था, जिससे सड़क संपर्क टूट गया है। अब Border Roads Organization (BRO) की 100 सदस्यों की टीम वहां पहुंची है। यह टीम पुल की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाया जा सके और ट्रैफिक फिर से शुरू हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में नावें कितने बजे तक चलती हैं?
सरकारी और निजी नावें सुबह 5:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलती हैं। सुरक्षा नियमों के कारण शाम 5:30 के बाद नावों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
निजी नावों का किराया कितना तय किया गया है?
निजी नावों का किराया 12 साल से ऊपर के वयस्कों के लिए 50 रुपये, 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये और साइकिल के लिए 20 रुपये तय है।