Bihar: भागलपुर में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ एक किशोरी 33 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खतरनाक तार जमीन से मात्र 3 फीट की ऊंचाई पर लटका
Bihar: भागलपुर में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ एक किशोरी 33 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खतरनाक तार जमीन से मात्र 3 फीट की ऊंचाई पर लटका हुआ था, जिससे हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने इस मामले में विभाग की शिकायत की थी, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बिजली विभाग के सुरक्षा नियम क्या कहते हैं
नियमों के मुताबिक, 11 हजार केवी की बिजली लाइन जमीन से कम से कम 20 फीट ऊपर होनी चाहिए। वहीं, 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन के लिए यह ऊंचाई 30 फीट तय की गई है। अगर ऐसी लाइन किसी सड़क को पार करती है, तो सुरक्षा के लिए गार्डिंग लगाना अनिवार्य होता है। रिहायशी इलाकों में इन तारों को मकानों के ऊपर से ले जाने की मनाही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों की अनदेखी अक्सर हादसों का कारण बनती है।
विभाग अब क्या कदम उठा रहा है
भागलपुर के शहरी विद्युत कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि 33 केवी हाईटेंशन लाइन के खुले तारों को बदलने का काम शुरू हो गया है। राज्य योजना के तहत अब ‘डॉग कंडक्टर’ की जगह ‘वुल्फ कंडक्टर’ लगाया जाएगा। यह नया कंडक्टर पहले से अधिक मोटा होता है और इससे करंट संवहन क्षमता बढ़ती है। साथ ही, सहायक अभियंता दीपक चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि स्ट्रीट लाइट जैसे कामों में ठेकेदारों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
लंबित है अंडरग्राउंड वायरिंग की योजना
भागलपुर में बिजली हादसों को रोकने के लिए 11 और 33 हजार वोल्ट के तारों को जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बिछाने की योजना बनाई गई थी। इस प्रोजेक्ट के लिए 301.58 करोड़ रुपये का बजट था और इसे 2027 तक पूरा करना था। हालांकि, यह योजना अभी फाइलों में लंबित है, जबकि पटना जैसे शहरों में ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाईटेंशन बिजली लाइनों के लिए निर्धारित ऊंचाई क्या है
नियमों के अनुसार 11 हजार केवी लाइन जमीन से 20 फीट और 33 हजार केवी लाइन 30 फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए।
भागलपुर में बिजली विभाग तारों को बदलने के लिए क्या कर रहा है
विभाग राज्य योजना के तहत पुराने डॉग कंडक्टर को हटाकर अधिक मोटे वुल्फ कंडक्टर लगा रहा है ताकि सुरक्षा और क्षमता बढ़ सके।