Bihar: भागलपुर में गंगा नदी के जलमार्ग को अब आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने जहाजों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए AIS प्रणाली और मौसम अलर्ट सिस्टम लागू किया है। इससे
Bihar: भागलपुर में गंगा नदी के जलमार्ग को अब आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने जहाजों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए AIS प्रणाली और मौसम अलर्ट सिस्टम लागू किया है। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि पूर्वी भारत में माल और यात्रियों के परिवहन को एक नई दिशा मिलेगी।
AIS सिस्टम और कंट्रोल रूम से कैसे होगी निगरानी?
खंजरपुर स्थित उप-कार्यालय में एक मोनो पोल पर ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) लगाया गया है। यह सिस्टम 60 किलोमीटर के दायरे में चलने वाले जहाजों के नाम, उनकी गति, दिशा और सटीक स्थिति की रियल टाइम निगरानी करेगा। जहाजों की 24 घंटे निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ इंजीनियर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लेंगे। साथ ही, सैटेलाइट से जुड़े मौसम इंडिकेटर से जहाज चालकों को समय पर चेतावनी मिलेगी।
ड्रेजिंग और जेटी निर्माण से क्या होगा फायदा?
हल्दिया से वाराणसी तक के जलमार्ग को बेहतर बनाने के लिए भागलपुर में बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग का काम चल रहा है। इससे नदी की गहराई लगभग 3 मीटर तक बढ़ाई जा रही है, जिससे बड़े जहाज आसानी से चल सकेंगे। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के तहत बिहार में 21 जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 18 का काम पूरा हो चुका है। पटना से बिहार सीमा तक 21 जगहों पर जेटी का निर्माण भी चल रहा है।
परिवहन और ट्रेनिंग में क्या बदलाव आएंगे?
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, नदी परिवहन सड़क और रेल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल है। जल परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए नेशनल इनलैंड नेविगेशन इंस्टीट्यूट (NINI) के छात्रों को फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक (FRP) नावों के निर्माण की ट्रेनिंग दी जाएगी। भागलपुर का जलमार्ग कार्यालय, जो 2017 में बंद हो गया था, फरवरी 2025 में फिर से शुरू किया गया है ताकि निगरानी और संचालन में तेजी आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
AIS प्रणाली भागलपुर जलमार्ग में क्या काम करेगी?
AIS प्रणाली खंजरपुर में लगे मोनो पोल के जरिए 60 किलोमीटर के दायरे में जहाजों की गति, दिशा, नाम और स्थिति की रियल टाइम निगरानी करेगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
नदी की गहराई बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
हल्दिया से वाराणसी तक जलमार्ग विकसित करने के लिए भागलपुर में बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग की जा रही है, जिससे नदी की गहराई को लगभग 3 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है।