Bihar: भागलपुर में गंगा नदी के बीच एक नाव खराब होने से हड़कंप मच गया, जिसमें करीब 80 यात्री सवार थे। समय रहते SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं सा
Bihar: भागलपुर में गंगा नदी के बीच एक नाव खराब होने से हड़कंप मच गया, जिसमें करीब 80 यात्री सवार थे। समय रहते SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे नदी पार करने वाले लोगों में डर का माहौल है।
नावों के खराब होने की घटनाएं क्यों बढ़ी हैं?
विक्रमशिला सेतु के स्लैब टूटने की वजह से भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। अब लोग आने-जाने के लिए पूरी तरह नावों पर निर्भर हैं, जिससे नावों पर यात्रियों का दबाव बहुत बढ़ गया है। इस दबाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इंजन खराब होने जैसी समस्याएं बार-बार हो रही हैं। कई नावें बिना पंजीकरण के भी चलाई जा रही हैं।
मई महीने में हुए प्रमुख बचाव अभियान
| तारीख |
घटना और यात्रियों की संख्या |
बचाव टीम |
| 13 मई |
बरारी से महादेवपुर जा रही नाव, 2 घंटे फंसी रही |
SDRF |
| 17 मई |
बरारी से महादेवपुर नाव, 60 यात्री सवार |
SDRF |
| 19 मई |
महादेवपुर से बरारी नाव, 75 यात्री और 13 बाइक |
SDRF |
| 20 मई |
बरारी से महादेवपुर नाव, 29 यात्री और 16 बाइक |
SDRF |
| 21 मई |
आंधी-बारिश में 8 नावों से 300 यात्री बचाए गए |
SDRF |
| 22 मई |
बड़ी नाव में 100 से अधिक यात्री फंसे |
SDRF |
सुरक्षा को लेकर क्या है प्रशासन की तैयारी?
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन नावों की नियमित जांच करे और केवल फिटनेस सर्टिफिकेट वाली नावों को ही चलाने दे। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइफ जैकेट, इंजन की जांच और क्षमता सीमा का पालन करना बहुत जरूरी है। फिलहाल प्रशासन उन नावों की जांच कर रहा है जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही हैं ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में नावों के खराब होने का मुख्य कारण क्या है?
विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के कारण नावों पर यात्रियों का बोझ बढ़ गया है। साथ ही, कई नावें बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस जांच के चलाई जा रही हैं।
बचाव कार्य कौन सी एजेंसी कर रही है?
इन सभी घटनाओं में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें सक्रिय रही हैं, जिन्होंने समय पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला है।