Bhagalpur में गंगा का रौद्र रूप, राघोपुर बांध में भीषण कटाव से जल संसाधन विभाग का कैंप कार्यालय नदी में समाया

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में गंगा नदी ने भारी तबाही मचाई है। राघोपुर मुख्य जमींदारी बांध पर नदी का कटाव इतना भयानक हो गया कि सोमवार सुबह तक जल संसाधन विभाग का कैंप कार्यालय पूरी तरह नदी में विलीन ह

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में गंगा नदी ने भारी तबाही मचाई है। राघोपुर मुख्य जमींदारी बांध पर नदी का कटाव इतना भयानक हो गया कि सोमवार सुबह तक जल संसाधन विभाग का कैंप कार्यालय पूरी तरह नदी में विलीन हो गया। इस घटना से इलाके के लोगों में डर का माहौल है और तटबंध के एक बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा है।

यह पूरा घटनाक्रम रविवार 26 जुलाई 2026 की देर रात शुरू हुआ जब गंगा ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया और राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर तेज कटाव करना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह तक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि करीब 125 से 200 मीटर के दायरे में बांध का हिस्सा प्रभावित हुआ और विभाग का ऑफिस नदी में समा गया। इस खतरे के बीच बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक आवास भी अब कटाव की जद में आ गया है।

कटाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी गुस्सा देखा गया। 26 जुलाई को ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि कटाव रोकने के कामों में भारी अनियमितता बरती गई है। सूचना मिलने पर पूर्व जिला पार्षद विजय कुमार मंडल और सरपंच प्रमोद मंडल ने अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया था।

प्रशासनिक स्तर पर खरीक के अंचलाधिकारी (CO) प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने का निर्देश दिया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिकेत अमर, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार और जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया। फिलहाल मुख्य अभियंता खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर कटाव रोकने का अभियान चलाया जा रहा है।

जल स्तर की बात करें तो इस्माईलपुर-बिंदटोली (स्पर-07) में गंगा का जलस्तर 29.38 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 8 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं राघोपुर में यह स्तर 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के साथ 30.37 मीटर रहा। हालांकि, जल संसाधन विभाग का कहना है कि गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे है, इसलिए कटाव निरोधी कार्यों में तेजी लाई जा रही है और तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।