Bihar : भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के टूटने से यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को गंगा नदी पार करने के लिए नाव और स्टीमर का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने इन जलयानों के लिए किराए की एक नई स
Bihar : भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के टूटने से यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। अब लोगों को गंगा नदी पार करने के लिए नाव और स्टीमर का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने इन जलयानों के लिए किराए की एक नई सूची जारी की है, जो 12 मई 2026 से लागू हो गई है।
किराया कितना तय किया गया है?
प्रशासन ने अलग-अलग यात्रियों और वाहनों के लिए अलग रेट तय किए हैं। 12 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति के लिए 50 रुपये और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये किराया रखा गया है। एम्बुलेंस सेवा को पूरी तरह फ्री रखा गया है ताकि मरीजों को परेशानी न हो। अन्य वाहनों और सामान के लिए निम्नलिखित रेट तय किए गए हैं:
| वाहन/सामान |
किराया (रुपये में) |
| मोटरसाइकिल |
50 |
| साइकिल (बिना लोड) |
20 |
| साइकिल (लोड के साथ) |
50 |
| टोटो/टेम्पो |
150 |
|
| जीप/कार/टैक्सी |
700 |
| ट्रैक्टर (बिना लोड) |
250 |
| ट्रैक्टर (लोड के साथ) |
500 |
| पिकअप (बिना लोड) |
300 |
| पिकअप (लोड के साथ) |
600 |
| माल-मवेशी / 100 किलो सामान |
30 |
सुरक्षा नियम और संचालन का समय क्या है?
सुरक्षा को देखते हुए नावों और स्टीमर का संचालन केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही होगा। सभी नाव संचालकों को लाइफ जैकेट, रस्सी और अन्य बचाव उपकरण रखना अनिवार्य है। नावों में क्षमता से अधिक सवारी या वाहन ले जाने पर सख्त मनाही है। नियमों का उल्लंघन करने या तय किराए से ज्यादा पैसे लेने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन सी एजेंसियां चला रही हैं नाव सेवा?
IWAI नोएडा की मंजूरी के बाद तीन निजी कंपनियों को जलयान चलाने की अनुमति मिली है। कन्हैया लॉजिस्टिक्स (साहिबगंज) बाबूपुर घाट से महादेवपुर घाट के बीच सेवा दे रही है। सरक शिपिंग (भागलपुर) कहलगांव घाट से तिंतंगा घाट के बीच काम कर रही है। वहीं जिरिया प्राइवेट लिमिटेड (कटिहार) बरारी घाट से जानवी चौक घाट के बीच नावें चला रही है। बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के अनुसार सेतु की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लग सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब तक ठीक होगा?
बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का अनुमान है कि पुल की मरम्मत का काम तीन महीने के भीतर पूरा हो जाएगा।
नाव सेवा का समय क्या रहेगा?
सुरक्षा कारणों से सभी फेरी और स्टीमर सेवाएं रोजाना केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही संचालित की जाएंगी।