Bhagalpur में गंगा और कोसी का जलस्तर बढ़ा, अधूरी तैयारी से कई गांवों पर मंडराया खतरा

Bhagalpur: भागलपुर और आसपास के इलाकों में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के उफान से किनारे बसे गांवों के लोग डरे हुए हैं क्योंकि कई जगहों पर बाढ़ से बचाव के काम अभी भी अधूरे हैं। नेपाल में हो रह

Bhagalpur: भागलपुर और आसपास के इलाकों में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के उफान से किनारे बसे गांवों के लोग डरे हुए हैं क्योंकि कई जगहों पर बाढ़ से बचाव के काम अभी भी अधूरे हैं। नेपाल में हो रही बारिश की वजह से कोसी नदी का पानी बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गंगा का जलस्तर भागलपुर में 48 सेंटीमीटर और कहलगांव में 51 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं मुंगेर में यह 40 सेंटीमीटर बढ़ा है। कोसी बैराज से इस साल का सबसे ज्यादा 1.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा वैल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट आंशिक रूप से खोलकर 2.19 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे चंपारण समेत बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं।

नौगचिया के इस्माइलपुर-बिंद टोली और मद रौनी जैसे इलाकों में भी पानी का स्तर बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवारों और तटबंधों का काम पूरा न होने की वजह से उनके घर और खेती की जमीन खतरे में है। विशेष रूप से 400 मीटर का एक हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे पूरे गांव पर खतरा मंडरा रहा है। माणिक सरकार घाट जैसे क्षेत्रों में कटाव रोकने के लिए जियो-बैग्स डाले जा रहे हैं।

जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने गोपालपुर ब्लॉक के तटबंधों का निरीक्षण किया और अधूरे कामों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने को कहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।

मदद के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने हेल्पलाइन नंबर 0641-2402871 और 9471920050 जारी किए हैं, जो 24 घंटे काम कर रहे हैं।