Bhagalpur में बाढ़ और कटाव से तटबंधों पर लगे पौधों को नुकसान, प्रशासन ने शुरू किए बचाव कार्य
Bhagalpur: नवगछिया अनुमंडल के तटबंधों पर लगाए गए पेड़-पौधों को बाढ़ और मिट्टी के कटाव की वजह से काफी नुकसान पहुंच रहा है। गंगा और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है, जिससे तट
Bhagalpur: नवगछिया अनुमंडल के तटबंधों पर लगाए गए पेड़-पौधों को बाढ़ और मिट्टी के कटाव की वजह से काफी नुकसान पहुंच रहा है। गंगा और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है, जिससे तटबंधों की सुरक्षा और वहां की हरियाली दोनों प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीण कार्य विभाग (Rural Works Department) ने कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए हैं। कार्यपालक अभियंता E. Ravindra Sharma के निर्देश पर Saidpur Durga Temple जैसे इलाकों को बचाने के लिए बांस की पाइलिंग की जा रही है। यह एक पारंपरिक और सस्ता तरीका है जिससे पानी की रफ्तार कम होती है और मिट्टी का कटाव रुकता है।
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि तटबंधों पर बड़े पेड़ लगाना सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं होता है। गहरे जड़ वाले पेड़ तटबंध के अंदरूनी हिस्से में छेद कर सकते हैं, जिससे भविष्य में पाइपिंग या लीकेज का खतरा रहता है। इसलिए बांध की मजबूती के लिए बड़े पेड़ों की जगह छोटी घास और कम ऊंचाई वाली वनस्पतियों की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये सतह को तो बचाती हैं लेकिन बांध की गहराई को नुकसान नहीं पहुंचातीं।
बिहार के जल संसाधन विभाग (WRD) ने बाढ़ नियंत्रण आदेश जारी किए हैं, जिसमें तटबंधों की समय-समय पर जांच और मरम्मत की जिम्मेदारी तय की गई है। जिला प्रशासन, डीएम Naval Kishore Choudhary और एसडीओ Uttam Kumar लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को बचाया जा सके।