Bihar: भागलपुर के सरकारी स्कूलों में हाजिरी लगाने वाली ई-शिक्षाकोष व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 6 से 10 अप्रैल के बीच की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 8543 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इतनी बड़ी संख्या
Bihar: भागलपुर के सरकारी स्कूलों में हाजिरी लगाने वाली ई-शिक्षाकोष व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 6 से 10 अप्रैल के बीच की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 8543 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की गैर-मौजूदगी ने शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली की पोल खोल दी है। अब इस मामले में प्रशासन सख्त होता दिख रहा है।
हाजिरी को लेकर क्या हैं नियम और सजा
बिहार शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। नियमों के मुताबिक शिक्षकों को सुबह 9:30 बजे से पहले ‘इन’ और शाम 4:00 बजे के बाद ‘आउट’ करना जरूरी है। अगर कोई शिक्षक लगातार तीन दिनों तक देरी से हाजिरी लगाता है, तो उसका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। साथ ही, फोटो से फोटो खींचकर हाजिरी लगाने या लोकेशन में गड़बड़ी करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
DDC ने निरीक्षण के बाद क्या निर्देश दिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह ने 8 अप्रैल को शिक्षा भवन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ई-शिक्षाकोष के जरिए शिक्षकों की उपस्थिति की प्रभावी निगरानी की जाए। DDC ने साफ कहा है कि फर्जी हाजिरी लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि स्कूलों में पारदर्शिता बनी रहे।
तकनीकी खराबी पर क्या है विभाग का स्टैंड
ऑनलाइन हाजिरी में आने वाली दिक्कतों को लेकर बिहार विधानसभा में भी मामला उठा था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को निर्देश जारी किया था कि अगर तकनीकी कारणों से ऐप काम नहीं करता है, तो शिक्षकों की उपस्थिति भौतिक रजिस्टर (Physical Attendance) के आधार पर मानी जाएगी। ऐसे मामलों में अगर वेतन काटा गया है, तो उसे वापस करने का प्रावधान भी किया गया है।