Bhagalpur में मानसून की बेरुखी से सूखे की स्थिति, धान की खेती पर संकट; किसानों की बढ़ी चिंता
Bhagalpur: भागलपुर जिले में मानसून की धीमी चाल ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और धान की रोपाई का समय तेजी से निकला जा रहा है। बारिश न होने की वजह से कृषि संकट गहरा गया है, जिससे जिले के हजा
Bhagalpur: भागलपुर जिले में मानसून की धीमी चाल ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और धान की रोपाई का समय तेजी से निकला जा रहा है। बारिश न होने की वजह से कृषि संकट गहरा गया है, जिससे जिले के हजारों किसान अपनी फसल को लेकर बेहद चिंतित हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जून 2026 में जिले में 10 मिमी से भी कम बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने 183 मिमी वर्षा होती है। यह सामान्य से करीब 70% कम बारिश है। जुलाई के पहले हफ्ते में भी हालात नहीं बदले और बारिश न के बराबर हुई। इस सूखे का असर सुल्तानगंज प्रखंड में भी दिखा, जहां 28 जून को पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 80 को जाम कर अपना विरोध जताया।
जिला कृषि पदाधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद ने बताया कि साल 2026 में 56,000 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य था। लेकिन 27 जून तक केवल 12-15% बिचड़ा ही तैयार हो पाया है, जबकि इस समय तक 50-55% काम पूरा हो जाना चाहिए था। किसान अब निजी सिंचाई के साधनों पर निर्भर हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के नोडल पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि जिनके पास सिंचाई की सुविधा है, वे मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों का उपयोग करें। उन्होंने सबौर मोती और सबौर सोना जैसी किस्मों की सीधी बुआई का सुझाव दिया है। वहीं IMD भागलपुर केंद्र के विज्ञानी अनुपम नाहर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र तो है, लेकिन भागलपुर में मजबूत तंत्र विकसित नहीं हो पा रहा है, जिससे व्यापक बारिश नहीं हो रही है।
इस संकट से निपटने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिला स्तर पर आकस्मिक योजनाओं को लागू करने का निर्देश दिया है। ICAR पटना ने किसानों को कम अवधि वाली और सूखा सहनशील किस्में बोने के साथ-साथ अरहर, मक्का, रागी और सोयाबीन जैसे मोटे अनाज की खेती करने की सलाह दी है। बिहार सरकार भी किसानों को मक्का, अरहर और राई जैसी वैकल्पिक फसलों के लिए मुफ्त बीज उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।