Bihar: भागलपुर जिला प्रशासन ने आम लोगों की समस्याओं को जल्दी सुलझाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ (Sahyog Shivirs) लगाए जाएंगे ताकि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों क
Bihar: भागलपुर जिला प्रशासन ने आम लोगों की समस्याओं को जल्दी सुलझाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ (Sahyog Shivirs) लगाए जाएंगे ताकि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए जिला या प्रखंड कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इस पहल से राजस्व, पेंशन और राशन कार्ड जैसी समस्याओं का समाधान अब गांव में ही हो सकेगा।
सहयोग शिविर कब और कहां लगेंगे
इन शिविरों की शुरुआत 19 मई 2026 को होगी, जिसमें पहली बार 33 पंचायतों को कवर किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 2 जून 2026 को फिर से 33 अन्य पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर 66 पंचायतों में प्रशासन सीधे लोगों के बीच पहुंचेगा। यह नियम तय किया गया है कि ये शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे।
अधिकारियों के लिए सख्त नियम और सुविधाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि शिकायतों का निपटारा समय पर होना चाहिए। अगर कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है और 30 दिनों के भीतर आवेदन का समाधान नहीं करता है, तो 31वें दिन उसे अपने आप निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और SSP प्रमोद कुमार यादव खुद इन शिविरों की निगरानी करेंगे। साथ ही, आम लोगों की मदद के लिए ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ भी शुरू किया गया है।
किन समस्याओं का होगा समाधान
शिविर में आने वाले लोगों को कई विभागों की मदद एक ही जगह मिलेगी। इसमें मुख्य रूप से राजस्व विभाग, सामाजिक सुरक्षा, राशन कार्ड, पेंशन, भूमि विवाद, बिजली और पानी से जुड़ी शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। BDO अमरेश कुमार मिश्रा ने अधिकारियों को लंबित मामलों की लिस्ट तैयार रखने को कहा है ताकि मौके पर ही काम पूरा हो सके। शिविर स्थल पर लोगों के बैठने, पीने के पानी और रजिस्ट्रेशन की पूरी व्यवस्था रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सहयोग शिविर का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा
शिविर शुरू होने से पहले ही पंचायत सरकार भवन में अपना आवेदन जमा करना होगा, ताकि शिविर वाले दिन अधिकारी आपके मामले का निपटारा मौके पर ही कर सकें।
अगर शिकायत का समाधान नहीं होता है तो क्या होगा
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, यदि कोई अधिकारी 30 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो 31वें दिन उसे स्वतः निलंबित कर दिया जाएगा।