Bhagalpur में नशामुक्ति के लिए न्यायिक अधिकारियों ने ली शपथ, कहलगांव कोर्ट में भी लगा जागरूकता शिविर
Bhagalpur: भागलपुर के व्यवहार न्यायालय और कहलगांव अनुमंडल न्यायालय में नशामुक्ति को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मियों ने शपथ ली कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे और समाज को इसके
Bhagalpur: भागलपुर के व्यवहार न्यायालय और कहलगांव अनुमंडल न्यायालय में नशामुक्ति को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मियों ने शपथ ली कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे और समाज को इसके प्रति जागरूक करेंगे। यह पूरा कार्यक्रम विश्व ड्रग दिवस और विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था।
भागलपुर व्यवहार न्यायालय में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक समारोह हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपांकर पांडेय ने सभी उपस्थित लोगों को तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजकुमार राजपूत, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजय प्रिया, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेश रंजन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रंजीता कुमारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर कहलगांव अनुमंडल व्यवहार न्यायालय परिसर में एक बड़ा विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष और अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार के नेतृत्व में न्यायिक पदाधिकारियों, वरिष्ठ वकीलों और पैरा लीगल वालंटियर ने शपथ ली। अखिलेश कुमार ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1987 में 26 जून को यह दिन घोषित किया था ताकि लोगों को नशीले पदार्थों के बुरे असर के बारे में बताया जा सके। उन्होंने शराब, सिगरेट और सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई और लोगों से इस बुराई को छोड़ने की अपील की।
यह मुहिम भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और जिला मजिस्ट्रेटों से रैलियों और सेमिनार के जरिए लोगों को जोड़ने को कहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने भी विकसित भारत के लिए नशामुक्त समाज की जरूरत पर जोर दिया है। बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और बेतिया जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।