Bhagalpur में NEET पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Bhagalpur: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर भागलपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय (Collectorat

Bhagalpur: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर भागलपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय (Collectorate) गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उन छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ था, जो अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों और कांग्रेस नेताओं के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भागलपुर के साथ-साथ यह विरोध देश के कई अन्य हिस्सों में भी देखा गया, जहां नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई।

देशव्यापी स्तर पर इस मामले ने काफी तूल पकड़ा है। 22 जुलाई को गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और असम जैसे राज्यों में भी प्रदर्शन हुए, जिनमें कई कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी को भी हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उन्होंने गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित पांच प्रमुख मांगें रखीं।

बिहार के अन्य जिलों में भी विरोध जारी रहा। बेगूसराय के तेघड़ा में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका, जबकि पटना में इस विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें आईं। वहीं राजस्थान के बयाना और झारखंड के हजारीबाग में भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए।

संसद में भी इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। 23 जुलाई को केंद्र सरकार ने विपक्ष को चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन विपक्षी दल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। राज्यसभा में भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे पर बहस जारी है।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर 30 जून से एक देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान का पहला चरण ‘छात्रों की गूंज’ होगा, जो 40 दिनों तक चलेगा और इसका समापन 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च के साथ होगा। पार्टी की मांग है कि देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।