Bihar: भागलपुर के Budhanath Temple परिसर में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहाँ Bajrangbali Temple के ऊपर स्थित एक पुराना सूखा पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ गिरने से पास के एक शेड की छत को नुकसान पहुँचा है, लेकिन
Bihar: भागलपुर के Budhanath Temple परिसर में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। यहाँ Bajrangbali Temple के ऊपर स्थित एक पुराना सूखा पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ गिरने से पास के एक शेड की छत को नुकसान पहुँचा है, लेकिन गनीमत रही कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।
पेड़ गिरने से क्या हुआ और कैसे हुई कार्रवाई
शनिवार दोपहर करीब 23 मई 2026 को जब मंदिर परिसर में सामान्य चहल-पहल थी, तब अचानक पेड़ गिरने की जोरदार आवाज आई जिससे स्थानीय लोग डर गए। सूचना मिलते ही Forest Department की टीम आधुनिक मशीनों के साथ मौके पर पहुँची और भारी पेड़ को छोटे टुकड़ों में काटा। इसके बाद Nagar Nigam ने JCB और ट्रैक्टर की मदद से मलबे को हटाया। नगर निगम के एंटी-अतिक्रमण दस्ते के प्रभारी Jayprakash Yadav ने बताया कि रास्ता साफ कर दिया गया है और स्थिति अब सामान्य है।
मंदिर प्रबंधन की शिकायत और प्रशासन की अनदेखी
Budhanath Temple के मैनेजर Balmiki Singh ने बताया कि इस सूखे और खतरनाक पेड़ को हटाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग को कई बार आवेदन दिया गया था। उन्होंने कहा कि पेड़ का कुछ हिस्सा पहले भी गिर चुका था, जिससे श्रद्धालुओं में डर था। स्थानीय पार्षद Sanjay Sinha ने भी मौके पर मौजूद रहकर मलबे को हटाने के काम की निगरानी की।
बिहार में पेड़ काटने के नियम क्या हैं
बिहार में Forest Conservation Act के तहत पेड़ काटने के कड़े नियम हैं। 2019 में सरकार ने प्रदूषण और गर्मी को देखते हुए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई थी। विकास कार्यों के लिए पेड़ काटने की अनुमति तभी मिलती है जब एक पेड़ के बदले तीन नए पौधे लगाए जाएं और उनके रखरखाव के लिए वन विभाग में पैसा जमा किया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Budhanath Temple में पेड़ गिरने से कितना नुकसान हुआ
इस घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई, लेकिन पेड़ गिरने से पास के एक शेड की छत क्षतिग्रस्त हो गई थी।
क्या मंदिर प्रबंधन ने पेड़ हटाने की मांग की थी
हाँ, मंदिर मैनेजर Balmiki Singh के अनुसार उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग को इस सूखे पेड़ को हटाने के लिए कई बार लिखित आवेदन दिए थे।