Bihar: भागलपुर के बरारी घाट और हाईलेवल घाट के बीच चलने वाली नावों में क्षमता से ज्यादा यात्री चढ़ाए जा रहे हैं। विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने के बाद से लोग आवाजाही के लिए नावों पर निर्भर हैं, लेकिन भीषण गर्मी और ओवर
Bihar: भागलपुर के बरारी घाट और हाईलेवल घाट के बीच चलने वाली नावों में क्षमता से ज्यादा यात्री चढ़ाए जा रहे हैं। विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने के बाद से लोग आवाजाही के लिए नावों पर निर्भर हैं, लेकिन भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग की वजह से नावों के जेनरेटर और मशीनें खराब हो रही हैं। इस लापरवाही की वजह से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है।
बीच गंगा में क्यों फंसी नावें और क्या हुआ हादसा
23 मई को बरारी पुल घाट से महादेवपुर घाट की ओर जा रही दो नावों में तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से करीब 40 यात्री बीच गंगा नदी में फंस गए थे। SDRF की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और नावों को किनारे लगाया। एक अन्य घटना में एक नाव में पानी भरने लगा था, जहां से भी सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
प्रशासन के नियम और लाइसेंस रद्द होने की चेतावनी
आपदा प्रबंधन विभाग और कंट्रोल रूम मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने नाव संचालकों को सख्त चेतावनी दी है। नियमों के मुताबिक नाव पर लिखी क्षमता से ज्यादा यात्री बिठाने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने आदेश दिया है कि सभी नावों पर लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय रखना अनिवार्य है। साथ ही, SDRF के इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने ड्राइवरों को रफ्तार कम रखने और सुरक्षा का ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
किराया और वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी
प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए किराए तय किए हैं। प्राइवेट फेरी पर 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये और बड़ों के लिए 50 रुपये किराया तय है। वहीं, विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए BRO और MES की मदद से बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि जून के पहले हफ्ते तक ट्रैफिक फिर से शुरू हो जाएगा, जिससे नावों पर दबाव कम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नावों में ओवरलोडिंग क्यों हो रही है?
4 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु का RCC स्लैब टूटने के कारण सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे लोग आवाजाही के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं और भीड़ बढ़ गई है।
प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
SDRF की टीमें घाटों पर तैनात हैं, लाइफ जैकेट अनिवार्य की गई है और ओवरलोडिंग करने वाले नाव संचालकों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।