Bihar: भागलपुर के भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रेलवे की मंजूरी न मिलने के कारण अधर में लटका हुआ है। मालदा रेल मंडल से हरी झंडी न मिलने की वजह से गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरी तरह रुक गया है। इस देरी से न केवल प्रोजेक्ट
Bihar: भागलपुर के भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रेलवे की मंजूरी न मिलने के कारण अधर में लटका हुआ है। मालदा रेल मंडल से हरी झंडी न मिलने की वजह से गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरी तरह रुक गया है। इस देरी से न केवल प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है, बल्कि शहर के करीब 2 लाख लोग रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
फ्लाईओवर के काम में देरी क्यों हो रही है?
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने गर्डर लॉन्चिंग की पूरी योजना मालदा रेल मंडल को भेज दी है, लेकिन रेलवे की तरफ से अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता ज्ञान चंद्र दास ने बताया कि तकनीकी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन फाइल मंडल और जोनल स्तर के बीच फंसी हुई है। इस मुद्दे पर पुल निगम और रेलवे इंजीनियरों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई है। निगम ने तो यहां तक कह दिया कि अगर रेलवे खुद गर्डर लॉन्चिंग कराना चाहता है, तो वह उसकी लागत देने को तैयार है।
आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। भोलानाथ पुल के नीचे रेलवे के वाशिंग पिट और नालों का गंदा पानी 3 फीट तक जमा रहता है। इस वजह से लोगों को महज 100 मीटर की दूरी तय करने के लिए 2 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। यह समस्या करीब 2 लाख लोगों को प्रभावित कर रही है।
प्रोजेक्ट की समय-सीमा और बजट में कितना बदलाव आया?
| विवरण |
पुरानी स्थिति/लक्ष्य |
वर्तमान स्थिति/लक्ष्य |
| कुल लागत |
65 करोड़ रुपये |
117.89 करोड़ रुपये |
| डेडलाइन |
नवंबर 2025 |
दिसंबर 2026 |
| लंबाई और ऊंचाई |
1110 मीटर लंबा |
7.5 मीटर ऊंचा |
| प्रभावित परिवार |
– |
118 परिवार (79 प्लॉट) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
भोलानाथ फ्लाईओवर कब तक बनकर तैयार होगा?
पहले यह प्रोजेक्ट नवंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब इसके लिए दिसंबर 2026 का नया लक्ष्य रखा गया है।
फ्लाईओवर का रूट क्या है और यह कितना लंबा है?
यह फ्लाईओवर मिरजानहाट शीतला स्थान चौक से भीखनपुर चौक तक बनेगा और इसकी कुल लंबाई 1110 मीटर होगी।