Bihar: भागलपुर और बांका जिले में सफर करने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। विक्रमशिला सेतु और चांदन पुल में आई तकनीकी खराबी के कारण प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए नया रास्ता तय किया है। इस फैसले क
Bihar: भागलपुर और बांका जिले में सफर करने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। विक्रमशिला सेतु और चांदन पुल में आई तकनीकी खराबी के कारण प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए नया रास्ता तय किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य शहर में लगने वाले लंबे जाम से निपटना और छोटे वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना है।
विक्रमशिला सेतु की क्या है स्थिति और कब तक होगी मरम्मत
विक्रमशिला सेतु के तीन स्लैब खराब हो चुके हैं, जिनमें से दो को पूरी तरह तोड़कर दोबारा बनाना होगा। 4 मई 2026 की सुबह पुल का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे अंग जनपद और सीमांचल का सड़क संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने मरम्मत के लिए तीन महीने का समय तय किया है और BRO के साथ IIT पटना की टीम इसकी जांच कर रही है। लापरवाही के आरोप में NH डिवीजन भागलपुर के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रोशन को सस्पेंड कर दिया गया है।
चांदन पुल और जेठौर पुल में क्या खराबी आई है
बांका के पुनसिया-इंगलिशमोड़ पथ पर स्थित चांदन नदी पुल के पिलर नंबर 26, 27 और 28 धंस गए हैं। इसका मुख्य कारण नदी में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन बताया जा रहा है, जिससे पुल की नींव कमजोर हो गई है। जेठौर पुल के बंद होने से चांदन पुल पर दबाव बढ़ा, जिससे शहर में धूल और जाम की समस्या बढ़ गई। अब भारी वाहनों का प्रवेश यहां अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
भारी वाहनों के लिए अब कौन सा रास्ता रहेगा चालू
16 मई 2026 को बांका जिला प्रशासन ने भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया है। अब भागलपुर, जगदीशपुर, पुनसिया और जेठौर से बेलहर जाने वाले वाहनों को ढाकामोड़, चांदन पुल और फिर जेल के पीछे से होते हुए बेलहर, शंभूगंज और फुल्लीडुमर वाले वैकल्पिक मार्ग से जाना होगा। इस बदलाव से यात्रा का समय और ईंधन का खर्च बढ़ गया है, लेकिन शहर के भीतर जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत में कितना खर्च आएगा और कितना समय लगेगा
पुल की मरम्मत का अनुमानित बजट 26 करोड़ से बढ़कर 75 करोड़ रुपये हो गया है और प्रशासन ने इसके लिए तीन महीने की समय-सीमा तय की है।
चांदन पुल के खराब होने का मुख्य कारण क्या है
चांदन नदी में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन की वजह से पुल के पिलरों की नींव कमजोर हो गई और पिलर संख्या 26, 27 और 28 धंस गए।